औद्योगिक क्षेत्र में आकस्मिक दुर्घटना खैबर पख्तूनख्वा के हरिपुर जिले के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक जोन में गुरुवार को एक अत्यंत दुखद वाकया पेश आया। हत्तर इंडस्ट्रियल एस्टेट में ग्रैंड ट्रंक रोड के पास से गुजर रही एक मुख्य गैस पाइपलाइन अचानक फट गई। इस धमाके ने न केवल औद्योगिक कारखानों को हिला दिया बल्कि आसपास के पूरे वातावरण में दहशत फैला दी। इस आकस्मिक संकट में आठ मासूम जिंदगियां काल के गाल में समा गईं। कारखाने के निकट हुई इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आग का विस्तार और रिहायशी नुकसान जैसे ही पाइपलाइन में विस्फोट हुआ, ज्वलनशील गैस ने आग पकड़ ली और वह एक प्रलयंकारी अग्नि में तब्दील हो गई। यह आग मात्र कारखाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने निकटवर्ती आवासीय भवनों को भी अपनी परिधि में ले लिया। एक मकान पूरी तरह आग की चपेट में आने से बचाव कार्य और भी जटिल हो गए। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि उन्हें नियंत्रित करना शुरुआती घंटों में असंभव प्रतीत हो रहा था, जिससे आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे।
आपातकालीन सेवाओं की तत्परता विस्फोट के तत्काल बाद ‘रेस्क्यू 1122’ के जांबाज कर्मी घटनास्थल पर तैनात हो गए। बचाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस त्रासदी में आठ शव बरामद किए जा चुके हैं। झुलसे हुए लोगों की संख्या काफी अधिक है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बड़े अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि झुलसे हुए कई व्यक्तियों की स्थिति नाजुक है, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। समूचा प्रशासन इस समय राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
महिलाओं और बच्चों का रेस्क्यू पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड के बीच एक राहत भरी खबर यह रही कि बचाव दल ने बहादुरी का परिचय देते हुए चार महिलाओं और छह बच्चों को आग के घेरे से जीवित निकाल लिया। हालांकि, ये सभी लोग आग की ताप और धुएं से प्रभावित हुए हैं और उनका उपचार जारी है। जिला पुलिस अधिकारी ने स्वयं घटनास्थल पर रहकर बचाव कार्यों की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्राप्त हो सके।
दम घुटने से बढ़ी त्रासदी जिले के उपायुक्त वसीम अहमद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि घटनास्थल पर ऑक्सीजन की कमी और घने काले धुएं के कारण अधिकांश लोगों की मौत दम घुटने (Asphyxiation) से हुई है। आग लगने के बाद जो जहरीली गैसें निकलीं, वे पीड़ितों के लिए जानलेवा साबित हुईं। अस्पताल प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। राहत और बचाव कार्य अभी भी पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जा रहे हैं।
धमाके के पीछे की पहेली गैस पाइपलाइन में हुए इस भयंकर विस्फोट के मूल कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कई किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज गूंजी, जिससे लोग किसी बड़े हमले की आशंका से थर्रा उठे। तकनीकी टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या पाइपलाइन के रखरखाव में कोई कमी थी या दबाव बढ़ने के कारण यह हादसा हुआ। जाँच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का विवरण स्पष्ट हो पाएगा।



































