समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे का मॉडल समाजवादियों ने दिया है। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि Ganga Expressway का उद्घाटन करने वाले लोग दरअसल समाजवादियों के सिखाए रास्ते पर चल रहे हैं, लेकिन वे आधा-अधूरा काम ही कर पा रहे हैं।
आगरा और बुनियादी ढांचा: अखिलेश यादव ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यों को गिनाते हुए कहा कि Noida, Agra और Lucknow के एक्सप्रेसवे समाजवादियों के विजन का परिणाम हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के पुराने बयान का हवाला देते हुए पूछा कि जब प्रधानमंत्री पहली बार आगरा आए थे और इसे आर्थिक केंद्र बनाने की बात की थी, तब से अब तक आगरा के लिए क्या ठोस किया गया?
ममता बनर्जी का समर्थन: सपा मुखिया ने West Bengal चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों का एक समानांतर ढांचा खड़ा कर दिया गया है और अधिकारियों पर दबाव बनाया गया है। उन्होंने बंगाल की जनता से लोकतंत्र के पक्ष में खड़े होने और अधिक से अधिक मतदान करने का आह्वान किया।
विचारधारा और संविधान: अखिलेश यादव ने समाजवादी विचारधारा को संविधान से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भेदभाव मिटाने और सबको साथ लेकर चलने वाली ‘हिन्दुस्तानियत’ की बात करती है। उन्होंने भाजपा पर समाज को बांटने और अपने चहेते लोगों को फायदा पहुँचाकर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया।
बैलेट पेपर की मांग: चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने एक बार फिर बैलेट पेपर की वकालत की। उन्होंने तर्क दिया कि दुनिया के कई विकसित देश आज भी बैलेट व्यवस्था का पालन करते हैं। उनका मानना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए EVM को हटाकर पुरानी व्यवस्था को वापस लाना आवश्यक है और वे इसके लिए लड़ाई जारी रखेंगे।
आरक्षण और शिष्टाचार भेंट: महिला आरक्षण विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा कि सरकार की मंशा इसे तुरंत लागू करने की नहीं दिखती। भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से अपनी मुलाकात पर सफाई देते हुए उन्होंने इसे महज एक सामान्य व्यवहारिक बातचीत करार दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हवा अब समाजवादी पार्टी के पक्ष में बह रही है।


































