अफगानिस्तान में पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है। अफगान सरकार के मुताबिक, गुरुवार को हुए हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई और ग्यारह अन्य घायल हुए। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। अफगानिस्तान की ओर से यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी विमानों की बमबारी से कुनार और हेलमंद प्रांतों में तीन रिहायशी मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। इस घटनाक्रम के बीच अफगानिस्तान स्थित रूसी दूतावास ने भी दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। रूस ने विशेष रूप से आम नागरिकों और बच्चों पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सैन्य संघर्ष का सबसे गंभीर परिणाम मासूम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
रूस ने नागरिकों के नुकसान पर जताई चिंता: रूसी दूतावास ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे सैन्य टकराव को लेकर वह गंभीर रूप से चिंतित है, क्योंकि इसका असर आम नागरिकों के साथ-साथ बच्चों पर भी पड़ रहा है। दूतावास ने एक अक्टूबर की रात अफगानिस्तान के हेलमंद और कुनार प्रांतों में हुए हवाई हमलों का विशेष उल्लेख किया, जिसमें बच्चों समेत कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की बात कही गई। रूस की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर चल रही सैन्य गतिविधियों की आलोचना बढ़ रही है। लगातार सैन्य कार्रवाई और नागरिकों के हताहत होने की घटनाओं के बीच दक्षिण तथा मध्य एशिया में क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर भी चिंता सामने आ रही है। रूस ने इस पूरे घटनाक्रम के मानवीय प्रभाव को गंभीरता से लेने का संकेत दिया है।
तीन घर हुए पूरी तरह तबाह: अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तानी हवाई हमलों के दौरान रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि कुनार और हेलमंद प्रांतों में स्थित तीन घर पूरी तरह नष्ट हो गए। बमबारी में नौ लोगों की मौत और ग्यारह अन्य के घायल होने की पुष्टि की गई है। अफगान सरकार के मुताबिक, मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना के बाद अफगान पक्ष ने नागरिक इलाकों में सैन्य कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। सरकार का कहना है कि इस तरह के हमलों का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ता है, जिनका किसी सैन्य संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है और जिन्हें अचानक जान-माल के नुकसान का सामना करना पड़ता है।
मुजाहिद ने पाकिस्तान पर लगाया गंभीर आरोप: अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे आक्रामकता बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई स्वीकृत सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाला अपराध है। अफगान पक्ष के अनुसार, ताजा हमले पाकिस्तान की आक्रामक सैन्य गतिविधियों का हिस्सा हैं। सरकार ने रिहायशी इलाकों में हुई बमबारी और महिलाओं तथा बच्चों सहित नागरिकों की मौत को गंभीर मुद्दा बताया है। अफगान पक्ष का कहना है कि सैन्य कार्रवाई के कारण आम नागरिकों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद सीमा संबंधी तनाव को और गंभीर कर दिया है तथा सैन्य टकराव के मानवीय परिणाम को सामने ला दिया है।
सीमा विवाद के बाद बढ़ी सैन्य कार्रवाई: अफगान सरकार का कहना है कि इस साल की शुरुआत में सीमा विवादों के कारण पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद कई बार अफगानिस्तान के संप्रभु क्षेत्र में बिना अनुमति हवाई हमले किए गए हैं। अफगान पक्ष के अनुसार, ताजा बमबारी इसी सिलसिले की एक और घटना है। इससे कुछ दिन पहले कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों के दौरान तीन नागरिकों के मारे जाने की बात सामने आई थी। लगातार हो रहे हमलों के कारण दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है। अफगान सरकार लगातार नागरिकों के हताहत होने का मुद्दा उठा रही है और पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई को लेकर आपत्ति दर्ज करा रही है। सीमा विवाद से शुरू हुआ तनाव अब लगातार सैन्य टकराव में बदलता जा रहा है।
नागरिकों की सुरक्षा बनी सबसे बड़ी चिंता: अफगानिस्तान में जारी सैन्य टकराव के बीच अब नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता के रूप में सामने आ रही है। एक ओर अफगान सरकार नौ लोगों की मौत और ग्यारह लोगों के घायल होने की जानकारी दे रही है, वहीं रूस ने भी बच्चों समेत आम नागरिकों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता व्यक्त की है। हेलमंद और कुनार में तीन घरों के नष्ट होने की जानकारी ने हमलों के मानवीय नुकसान को और स्पष्ट किया है। इससे पहले कुनार और पक्तिका में तीन नागरिकों के मारे जाने की घटना भी सामने आ चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य टकराव अब केवल सीमा विवाद तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है।
















































