सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद सूर्या की मां सरोज की पहली प्रतिक्रिया आई है। बेटे की हत्या के बाद से ही गहरे सदमे में जी रही सरोज पुलिस की इस कार्रवाई से अवगत हो चुकी हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने पुलिस एनकाउंटर के बारे में पूरी खबर सुनी है। एक मां के रूप में उनके दिल में अभी भी अपने मृत बेटे के लिए असीम दुख और गहरा आक्रोश भरा हुआ है। मुख्य आरोपी के मारे जाने की खबर सुनकर उन्होंने अपनी आगे की मांगें और भावनाएं सबके सामने रखी हैं।
तस्वीर देखने की है मांग: पुलिस की कार्रवाई की खबर सुनने के बावजूद सूर्या की मां सरोज अभी तक पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वह एनकाउंटर में मारे गए मुख्य आरोपी असद की असली तस्वीर देखना चाहती हैं। उनका मानना है कि जब तक वह अपनी आंखों से असद की मृत देह की फोटो नहीं देख लेंगी, उन्हें चैन नहीं मिलेगा। फोटो देखने के बाद ही एक पीड़ित मां के तड़पते हुए दिल को थोड़ी बहुत तसल्ली और वास्तविक शांति मिल पाएगी। उनका यह बयान उनके मन में चल रही गहरी पीड़ा और न्याय पाने की तीव्र लालसा को बहुत स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
सात लोगों ने की थी हत्या: सूर्या की मां ने अपने बेटे की हत्या के खौफनाक मंजर को याद करते हुए एक बहुत बड़ा और अहम खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे सूर्या की हत्या केवल अकेले असद ने नहीं बल्कि पूरे सात लोगों ने मिलकर की थी। सरोज ने रोते हुए कहा कि उन सात लोगों ने बेदर्दी से उनके बेटे को चारों तरफ से जकड़ कर पकड़ रखा था। हमले के दौरान किसी आरोपी ने उनके बेबस बेटे के हाथ पकड़े हुए थे तो किसी अन्य ने उसके पैर पकड़ रखे थे। इस तरह सबने मिलकर असद को चाकू मारने का पूरा मौका दिया जिससे उनके बेटे की जान चली गई।
सभी का हो ऐसा ही हश्र: अपने बेटे की दर्दनाक मौत को याद करते हुए सरोज काफी ज्यादा भावुक हो गईं और फूट-फूट कर रोने लगीं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सख्त मांग करते हुए कहा है कि बाकी बचे सभी छह आरोपियों का भी एनकाउंटर होना चाहिए। जिस तरह से असद पुलिस की गोली का शिकार हुआ है, उसी तरह अन्य सभी दोषियों को भी तत्काल सजा मिलनी चाहिए। सिर्फ एनकाउंटर ही नहीं, बल्कि उन्होंने प्रशासन से इन सभी अपराधियों के घरों पर तुरंत बुलडोजर चलाने की भी मांग की है। उनका मानना है कि इस तरह की कड़ी और त्वरित कार्रवाई से ही उनके मृत बेटे की आत्मा को पूर्ण न्याय मिल सकेगा।
अस्पताल में तोड़ा था दम: असद और सूर्या के बीच एक पुरानी रंजिश के चलते बकरीद के दिन एक बहुत बड़ा और जानलेवा झगड़ा हुआ था। इसी झगड़े के बीच असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या पर कई बार खतरनाक चाकू से हमला किया था। चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हुए सूर्या को जान बचाने के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने कई दिनों तक उसका इलाज किया लेकिन वह जिंदगी और मौत की जंग अंततः हार गया। उनतीस मई को अस्पताल में इलाज के दौरान ही सूर्या की दुखद मौत हो गई जिसके बाद परिवार टूट गया।
कड़े एक्शन पर अड़ा परिवार: सूर्या की मौत के बाद से ही पूरा परिवार और स्थानीय लोग गहरे शोक और भयानक गुस्से में डूबे हुए हैं। इलाके के लोग भी लगातार सड़कों पर उतरकर इस मर्डर केस में प्रशासन से बेहद कड़े एक्शन की मांग कर रहे थे। अब असद के मारे जाने की खबर आने के बाद भी सूर्या की मां और उनके परिवार का गुस्सा बिल्कुल शांत नहीं हुआ है। परिवार अभी भी बचे हुए अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस की सबसे कठोर और सख्त कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है। जब तक सभी दोषियों को उनके किए की पूरी सजा नहीं मिल जाती, तब तक परिवार इसी तरह न्याय की मांग करता रहेगा।





































