उत्तर प्रदेश सरकार आगामी त्योहारों और महत्वपूर्ण आयोजनों को लेकर पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शासन और पुलिस के आला अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय अहम बैठक बुलाई गई। मुख्यमंत्री ने इस विशेष बैठक में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और जनहित के कार्यों को बिना रुके पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी आयोजन के दौरान आम जनता को कोई भी परेशानी न उठानी पड़े। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रदेश भर के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी वर्चुअली रूप से उपस्थित रहे।
मोहर्रम पर सख्त पाबंदियां: आगामी मोहर्रम के पर्व को लेकर मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा है कि मोहर्रम मुख्य रूप से मातम का अवसर है, यह किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन का नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए किसी भी जुलूस में हर प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही मोहर्रम के दौरान किसी भी इलाके में कोई नई परंपरा शुरू करने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि यह धार्मिक आयोजन पूरी शांति और आपसी सौहार्द के साथ बिना किसी विवाद के संपन्न हो।
डीजे और ताजिया के नियम: ध्वनि प्रदूषण और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रशासन ने मोहर्रम के जुलूसों के लिए कुछ विशेष और कड़े नियम तय किए हैं। जुलूसों के दौरान बजने वाले कानफोड़ू डीजे और अनियंत्रित ढोल-ताशों के इस्तेमाल पर प्रशासन की तरफ से प्रभावी रूप से रोक रहेगी। इसके अलावा जुलूस में शामिल किए जाने वाले ताजिया की ऊंचाई को लेकर भी सरकार ने सख्त मानक निर्धारित कर दिए हैं। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए ताजिया की ऊंचाई अधिकतम दस से बारह फीट के बीच ही रखी जानी अनिवार्य होगी। पुलिस अधिकारियों को इन सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराने और उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश मिले हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: मोहर्रम के अलावा सरकार ने आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को भव्य रूप से मनाने के लिए भी अपनी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। इस वर्ष मनाए जाने वाले योग दिवस की मुख्य थीम विशेष रूप से स्वस्थ आयु के लिए योग निर्धारित की गई है। यह आयोजन पूरे प्रदेश की सत्तावन हजार से अधिक ग्राम पंचायतों और सात सौ बासठ नगरीय निकायों में बहुत ही व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। प्रशासन इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के हर नागरिक तक योग के अनगिनत फायदों का संदेश पहुंचाना चाहता है। इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करके अपना कार्य करने को कहा गया है।
प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान: योग दिवस के इस पावन अवसर को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सरकार ने साफ-सफाई पर भी अपना विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसी योजना के तहत मुख्य योग दिवस से ठीक एक दिन पहले यानी बीस जून को पूरे प्रदेश में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, पार्कों और सड़कों की बहुत ही अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाएगी। मुख्य सामूहिक योग कार्यक्रम राज्य के सभी अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक महत्व की इमारतों और सांस्कृतिक स्थलों पर भव्यता के साथ आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि स्वच्छ वातावरण में लोग पूरे उत्साह के साथ इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य: इस भव्य योग कार्यक्रम को सफल और प्रभावशाली बनाने के लिए सरकार ने जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी पूरी तरह से अनिवार्य कर दी है। सभी सामूहिक योग कार्यक्रमों में स्थानीय नेताओं, विधायकों और सांसदों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। सरकार का मूल उद्देश्य प्रदेश के सभी विद्यार्थियों और नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली, कड़े अनुशासन और सकारात्मक सोच से सीधे तौर पर जोड़ना है। बैठक के अंत में बताया गया कि इस समीक्षा में सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शामिल हुए थे। अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि वे इन सभी आयोजनों की निगरानी खुद करें और हर छोटी-बड़ी गतिविधि की रिपोर्ट शासन को दें।





































