आज की ग्रह स्थिति का संकेत: 24 सितंबर 2026 को वैदिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार आकाशीय स्थिति कई महत्वपूर्ण बदलावों और ग्रह संयोगों की ओर इशारा कर रही है। सूर्य इस समय कन्या राशि में उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में स्थित हैं और 17 अक्टूबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा कुम्भ राशि में हैं और सुबह 10:35 बजे तक धनिष्ठा नक्षत्र में रहने के बाद शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जबकि 26 सितंबर को उनका अगला राशि परिवर्तन मीन में होगा। मंगल आज ही कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं और अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। बुध कन्या राशि में उच्च अवस्था में हस्त और चित्रा नक्षत्र के प्रभाव में हैं तथा अक्टूबर के पहले सप्ताह में राशि परिवर्तन करेंगे। देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में उच्च अवस्था में पुष्य और अश्लेषा नक्षत्र से जुड़े हुए हैं और वर्ष 2026 के अंत तक कर्क राशि में रहने वाले हैं। शुक्र वृश्चिक राशि में विशाखा और अनुराधा नक्षत्र में हैं तथा अक्टूबर में धनु राशि में जाएंगे। शनि वक्री अवस्था में मीन राशि के उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में हैं, जबकि राहु कुम्भ राशि में पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा तथा केतु सिंह राशि में मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र से जुड़े हैं। इन ग्रहस्थितियों के बीच आज चंद्रमा-राहु की युति से ग्रहण योग, कर्क में उच्च के गुरु से हंस राजयोग और मंगल के पुष्य नक्षत्र में प्रवेश की स्थिति विशेष रूप से प्रभावशाली बन रही है।
आज का ग्रह गोचर चार्ट: 24 सितंबर 2026 को ग्रहों की वर्तमान राशि, नक्षत्र और आगामी राशि परिवर्तन की स्थिति इस प्रकार है:
| ग्रह | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन का समय / विवरण |
|---|---|---|---|
| सूर्य | कन्या | उत्तराफाल्गुनी | 17 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। |
| चन्द्रमा | कुम्भ | धनिष्ठा (सुबह 10:35 तक), इसके बाद शतभिषा | चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलते हैं। 26 सितंबर को मीन राशि में जाएंगे। |
| मंगल | कर्क | पुष्य (आज 24 सितंबर को ही प्रवेश) | आज 24 सितंबर 2026 को मंगल पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। कर्क राशि में यह अक्टूबर तक रहेंगे। |
| बुध | कन्या (उच्च) | हस्त / चित्रा | बुध का तीव्र गोचर होता है, अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में राशि परिवर्तन करेंगे। |
| गुरु (बृहस्पति) | कर्क (उच्च अवस्था में) | पुष्य / अश्लेषा | गुरु लंबे समय तक (वर्ष 2026 के अंत तक) कर्क राशि में ही बने रहेंगे। |
| शुक्र | वृश्चिक | विशाखा / अनुराधा | अक्टूबर में धनु राशि में प्रवेश करेंगे। |
| शनि | मीन (वक्री अवस्था में) | उत्तरभाद्रपद | शनि मंद गति ग्रह हैं, वर्तमान में मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। |
| राहु | कुम्भ | पूर्वाभाद्रपद / शतभिषा | राहु हमेशा वक्री चलते हैं और अभी कुम्भ राशि में ही स्थित हैं। |
| केतु | सिंह | मघा / पूर्वाफाल्गुनी | केतु वर्तमान में सिंह राशि में स्थित हैं। |
चंद्रमा-राहु ग्रहण योग का प्रभाव: आज कुम्भ राशि में चंद्रमा और राहु की युति बन रही है, जिससे अस्थायी रूप से ग्रहण योग की स्थिति बनती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह संयोग मन में भ्रम, मानसिक बेचैनी, अचानक परिस्थितियों में बदलाव और निर्णय लेने में असमंजस पैदा कर सकता है। हालांकि इसका प्रभाव सभी राशियों पर एक जैसा नहीं माना जाता। कुछ राशियों के लिए यह युति लाभ, रुके हुए कार्यों की पूर्ति, रचनात्मक सफलता और नए अवसर लेकर आ सकती है, जबकि कुछ राशियों को स्वास्थ्य, मानसिक तनाव, पारिवारिक संबंध, करियर या आर्थिक मामलों में सावधानी रखनी होगी। इसलिए आज किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी से बचना और परिस्थिति को अच्छी तरह समझकर आगे बढ़ना जरूरी रहेगा।
चंद्रमा-राहु ग्रहण योग किन राशियों के लिए शुभ है: इस योग का सबसे सकारात्मक प्रभाव मेष, मिथुन और तुला राशि पर बताया गया है। इन राशियों के लिए यह युति लाभ, भाग्य, रचनात्मकता और नए अवसरों का द्वार खोल सकती है।
मेष राशि: कुम्भ राशि आपके 11वें लाभ भाव में आती है, इसलिए चंद्रमा-राहु की यह स्थिति अचानक आर्थिक लाभ और आय के नए अवसर पैदा कर सकती है। शेयर बाजार, निवेश या किसी पुराने आर्थिक मामले से अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना बताई गई है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा भी वापस मिल सकता है। हालांकि किसी भी जोखिम वाले निवेश में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा। उपाय: शाम को राहु के मंत्र “ॐ रां राहवे नमः” का 108 बार जाप करें और जरूरतमंद व्यक्ति को काले उड़द या भोजन का दान करें।
मिथुन राशि: आपके 9वें भाग्य भाव में यह युति बन रही है, जिससे भाग्य का साथ मिलने और रुके हुए कार्यों के आगे बढ़ने के संकेत हैं। लंबी दूरी की यात्रा, धार्मिक गतिविधि या विदेश से जुड़े कामों में अचानक प्रगति हो सकती है। जिस काम को लेकर काफी समय से प्रयास चल रहा था, उसमें रास्ता खुल सकता है। उपाय: शिवलिंग पर काले तिल मिले जल से अभिषेक करें और शाम के समय राहु मंत्र का जाप करें।
तुला राशि: आपके 5वें भाव में ग्रहण योग बनने से नए विचार, रचनात्मक क्षमता और कला से जुड़े कार्यों में सफलता के अवसर बन सकते हैं। तकनीकी या रचनात्मक क्षेत्र में काम करने वालों को अचानक पहचान मिल सकती है। प्रेम संबंधों में हालांकि कुछ भ्रम की स्थिति रह सकती है, इसलिए भावनाओं में बहकर निर्णय न लें। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें, शिवलिंग पर जल अर्पित करें और काले तिल का दान करें।
चंद्रमा-राहु ग्रहण योग किन राशियों के लिए अशुभ है: इस योग का चुनौतीपूर्ण प्रभाव कर्क, कन्या, कुम्भ, वृष, सिंह और वृश्चिक राशि के लिए बताया गया है। इन राशियों को मानसिक तनाव, स्वास्थ्य, करियर, साझेदारी और पारिवारिक मामलों में विशेष सावधानी रखने की जरूरत होगी।
कर्क राशि: आपके 8वें भाव में चंद्रमा-राहु की युति अज्ञात भय, मानसिक तनाव और अचानक परेशानियों की स्थिति बना सकती है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें और जोखिम वाले कामों से बचें। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें। उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें, शिवलिंग पर काले तिल मिले जल से अभिषेक करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
कन्या राशि: आपके 6ठे भाव में ग्रहण योग होने से पुराने रोग, कर्ज और विरोधियों से संबंधित चिंता बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में कोई व्यक्ति आपके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर सकता है, इसलिए कार्यालय की गोपनीय बातों को अनावश्यक रूप से साझा न करें। उपाय: शाम को 108 बार “ॐ रां राहवे नमः” का जाप करें और काले उड़द का दान करें।
कुम्भ राशि: चंद्रमा और राहु दोनों आपकी ही राशि में होने के कारण इसका सीधा प्रभाव आपके मन और निर्णय क्षमता पर पड़ सकता है। बेचैनी, अनिद्रा, सिरदर्द और किसी बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने की स्थिति बन सकती है। महत्वपूर्ण फैसले भावनात्मक अवस्था में लेने से बचें। उपाय: शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करें तथा रात में शांत मन से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
वृष राशि: आपके 10वें कर्म भाव में यह युति कार्यस्थल पर भ्रम, गलतफहमी या कार्यालयी राजनीति की स्थिति बना सकती है। किसी सहकर्मी की बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय तथ्य जांचें। उपाय: राहु मंत्र का जाप करें और जरूरतमंद व्यक्ति को काले वस्त्र या काले उड़द का दान करें।
सिंह राशि: आपके 7वें भाव में ग्रहण योग दांपत्य जीवन और व्यापारिक साझेदारी में अविश्वास या गलतफहमी पैदा कर सकता है। जीवनसाथी को लेकर चिंता बढ़ सकती है, इसलिए छोटी बात को बड़ा विवाद न बनने दें। उपाय: भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें तथा काले तिल का दान करें।
वृश्चिक राशि: आपके 4थे भाव में चंद्रमा-राहु की स्थिति घरेलू तनाव और मानसिक अशांति बढ़ा सकती है। माता के स्वास्थ्य और घर के वातावरण का विशेष ध्यान रखें। संपत्ति से जुड़े किसी विवाद में जल्दबाजी से बचें। उपाय: शिवलिंग पर काले तिल मिले जल से अभिषेक करें और पक्षियों को अनाज खिलाएं।
हंस राजयोग का प्रभाव: कर्क राशि में उच्च अवस्था में स्थित देवगुरु बृहस्पति से हंस राजयोग की स्थिति बन रही है। ज्योतिषीय मान्यता में हंस राजयोग को ज्ञान, समृद्धि, प्रतिष्ठा, शिक्षा, संतान सुख और निर्णय क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन गुरु किस राशि के किस भाव में स्थित हैं, इसके आधार पर परिणामों में अंतर आता है। इसलिए जहां कुछ राशियों को इस योग से करियर, शिक्षा, भाग्य और आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है, वहीं कुछ राशियों के लिए अधिक खर्च, काम का दबाव, अचानक रुकावट या स्वास्थ्य संबंधी चिंता की स्थिति बन सकती है।
हंस राजयोग किन राशियों के लिए शुभ है: कर्क, वृश्चिक, मीन, वृष और कन्या राशि के लिए इस योग का प्रभाव सकारात्मक बताया गया है। इन राशियों को गुरु की उच्च स्थिति से ज्ञान, भाग्य, करियर, शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र में लाभ मिलने के संकेत हैं।
कर्क राशि: गुरु आपकी ही राशि यानी लग्न में उच्च अवस्था में हैं। इससे व्यक्तित्व में निखार, निर्णय क्षमता में मजबूती और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। महत्वपूर्ण मामलों में सही सलाह और मार्गदर्शन मिलने की संभावना रहेगी। उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें, केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और पीली वस्तुओं का दान करें।
वृश्चिक राशि: आपके 9वें भाग्य भाव में उच्च गुरु उच्च शिक्षा, धार्मिक यात्रा, आध्यात्मिक प्रगति और पैतृक संपत्ति से जुड़े लाभ के अवसर बढ़ा सकते हैं। भाग्य का सहयोग मिलने से रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। उपाय: गुरुवार को पीली दाल का दान करें और “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें।
मीन राशि: आपके 5वें भाव में गुरु की स्थिति शिक्षा, बुद्धि, संतान और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनुकूल मानी गई है। विद्यार्थियों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है और संतान पक्ष से सुखद समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों में भी सकारात्मकता बढ़ सकती है। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और गुरुवार को चने की दाल का दान करें।
वृष राशि: गुरु की स्थिति आपके पराक्रम और लाभ से जुड़े क्षेत्रों को मजबूत करने वाली बताई गई है। करियर में आगे बढ़ने, नए संपर्क बनने और आर्थिक अवसर मिलने के संकेत हैं। उपाय: गुरुवार को पीले वस्त्र या चने की दाल का दान करें और माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।
कन्या राशि: गुरु की स्थिति लाभ और प्रगति के अवसरों को मजबूत कर सकती है। नौकरी या व्यवसाय में पदोन्नति और नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहेगी। उपाय: गुरुवार को केले के वृक्ष की पूजा करें और जरूरतमंद व्यक्ति को पीली वस्तु का दान करें।
हंस राजयोग किन राशियों के लिए अशुभ है: सिंह, धनु, कुम्भ, मकर, मिथुन और तुला राशि के लिए गुरु की यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बताई गई है। इन राशियों को खर्च, स्वास्थ्य, काम के दबाव, कागजी मामलों और अचानक रुकावटों को लेकर सावधानी रखनी होगी।
सिंह राशि: आपके 12वें भाव में गुरु होने से धार्मिक कार्यों, यात्रा या स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अधिक खर्च हो सकता है। पैरों में दर्द या आराम की कमी जैसी परेशानी भी बताई गई है। अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखें। उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें, पीले फल चढ़ाएं और चने की दाल का दान करें।
धनु राशि: गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं और 8वें भाव में उच्च अवस्था में स्थित हैं। इससे अचानक कार्यों में रुकावट, ससुराल पक्ष से मतभेद या परिस्थितियों में अप्रत्याशित बदलाव हो सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण काम में पूरी तैयारी रखें। उपाय: गुरुवार को गुरु मंत्र का जाप करें और पीली दाल का दान करें।
कुम्भ राशि: आपके 6ठे भाव में गुरु की स्थिति कर्ज, रोग और विरोधियों से जुड़े मामलों में खर्च बढ़ा सकती है। पेट, लीवर या वजन से संबंधित स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। उपाय: गुरुवार को विष्णु पूजा करें, केसर या हल्दी का तिलक लगाएं और जरूरतमंद को पीली वस्तु दान करें।
मकर राशि: गुरु की स्थिति के कारण काम और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज, निवेश या आर्थिक समझौते में कागजी गड़बड़ी की संभावना बताई गई है, इसलिए हस्ताक्षर करने से पहले हर विवरण जांचें। उपाय: गुरुवार को केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और गुरु मंत्र का जाप करें।
मिथुन राशि: गुरु की स्थिति परिवार और धन से जुड़े मामलों में जिम्मेदारियां बढ़ा सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बावजूद परिवार की जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है। वाणी में जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास रिश्तों में तनाव पैदा कर सकता है। उपाय: गुरुवार को चने की दाल दान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
तुला राशि: गुरु की स्थिति करियर में काम का दबाव बढ़ा सकती है। आपको अपनी योग्यता साबित करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है और काम से जुड़ी गलतफहमियां परेशानी पैदा कर सकती हैं। किसी भी दस्तावेज या निवेश से पहले जांच जरूरी है। उपाय: गुरुवार को केसर या हल्दी का तिलक लगाएं और पीली वस्तुओं का दान करें।
मंगल के पुष्य नक्षत्र प्रवेश का असर: 24 सितंबर 2026 को मंगल कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। कर्क राशि में मंगल को नीच का माना गया है और पुष्य नक्षत्र शनि से संबंधित होने के कारण इस स्थिति को ऊर्जा, साहस और क्रोध के बीच असंतुलन पैदा करने वाली माना गया है। इसका प्रभाव करियर, संपत्ति, धन, साझेदारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग रूप से देखने को मिल सकता है। कुछ राशियों के लिए यह पराक्रम, आय, संपत्ति और कानूनी मामलों में सफलता का संकेत देता है, जबकि कुछ राशियों को क्रोध, विवाद, दुर्घटना और रिश्तों में तनाव से सावधान रहने की आवश्यकता होगी।
मंगल के पुष्य नक्षत्र प्रवेश से किन राशियों को शुभ फल मिलेगा: वृष, कन्या, वृश्चिक, मेष और सिंह राशि के लिए मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सकारात्मक बताया गया है। इन राशियों को साहस, संपत्ति, आय और विवादों से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं।
वृष राशि: आपके 3रे भाव में मंगल का प्रभाव साहस और पराक्रम बढ़ा सकता है। व्यापार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ेगी और व्यावसायिक यात्राओं से लाभ मिलने की संभावना है। छोटे भाई-बहनों का सहयोग भी मिल सकता है। उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें और मसूर की दाल का दान करें।
कन्या राशि: आपके 11वें लाभ भाव में मंगल नए आय स्रोत खोल सकता है। जमीन, भवन और रियल एस्टेट से जुड़े कामों में आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। रुका हुआ धन मिलने की संभावना भी बताई गई है। उपाय: हनुमान मंदिर में बूंदी का भोग लगाएं और जरूरतमंद को मसूर की दाल दान करें।
वृश्चिक राशि: आपके 9वें भाग्य भाव में मंगल भाग्य का सहयोग बढ़ा सकता है। विदेश यात्रा, कानूनी मामलों और संपत्ति से जुड़े विवादों में सफलता के संकेत हैं। पुराने प्रयासों का परिणाम मिलने की संभावना रहेगी। उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।
मेष राशि: मंगल का प्रभाव संपत्ति और पैतृक मामलों में लाभ का अवसर बना सकता है। जमीन-जायदाद से जुड़े पुराने विवाद सुलझने की संभावना है, लेकिन अपनी आक्रामकता पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं और जरूरतमंद को मसूर की दाल दान करें।
सिंह राशि: मंगल का यह प्रभाव संपत्ति संबंधी मामलों और विदेश से जुड़े व्यापार में लाभ दे सकता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी सफलता के संकेत बताए गए हैं। उपाय: मंगलवार को हनुमान मंदिर में जाकर सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें।
मंगल के पुष्य नक्षत्र प्रवेश से किन राशियों को अशुभ फल मिलेगा: कर्क, मिथुन, मकर, तुला, धनु और मीन राशि के लिए मंगल का यह परिवर्तन चुनौतीपूर्ण बताया गया है। इन राशियों को क्रोध, दांपत्य या साझेदारी विवाद, कार्यस्थल पर तनाव, दुर्घटना और शिक्षा से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी रखनी होगी।
कर्क राशि: मंगल आपकी ही राशि में होने के कारण स्वभाव में अत्यधिक क्रोध और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले परेशानी दे सकते हैं। सिरदर्द या रक्तचाप जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या को नजरअंदाज न करें। उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।
मिथुन राशि: आपके 2रे भाव में मंगल वाणी को तीखा बना सकता है। परिवार में छोटी बात विवाद का रूप ले सकती है और अचानक खर्च के कारण बचत प्रभावित हो सकती है। उपाय: मंगलवार को मसूर की दाल का दान करें और क्रोध में कोई निर्णय लेने से बचें।
मकर राशि: आपके 7वें भाव में मंगल दांपत्य जीवन और व्यापारिक साझेदारी में अहंकार का टकराव बढ़ा सकता है। जीवनसाथी या कारोबारी साझेदार की बात को नजरअंदाज करने से विवाद गहरा सकता है। उपाय: हनुमान जी की पूजा करें, सुंदरकांड का पाठ करें और मंगलवार को तांबे का बर्तन दान करें।
तुला राशि: मंगल का प्रभाव कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद बढ़ा सकता है। नौकरी बदलने या बड़ा करियर निर्णय लेने में जल्दबाजी से बचें। उपाय: मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और मसूर की दाल दान करें।
धनु राशि: मंगल का प्रभाव चोट-चपेट, अचानक दुर्घटना और रक्त संबंधी परेशानियों की आशंका बढ़ाने वाला बताया गया है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें और अनावश्यक विवाद से दूर रहें। उपाय: हनुमान मंदिर में जाकर बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें।
मीन राशि: आपके 5वें भाव में मंगल छात्रों की एकाग्रता प्रभावित कर सकता है। संतान पक्ष को लेकर चिंता या वैचारिक मतभेद की स्थिति बन सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान विशेष अनुशासन बनाए रखना चाहिए। उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें, बूंदी का भोग लगाएं और जरूरतमंद को मसूर की दाल दान करें।
तीनों ग्रह योगों से आज का संयुक्त संकेत: 24 सितंबर 2026 को चंद्रमा-राहु की युति, कर्क राशि में उच्च गुरु की स्थिति और मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश एक साथ होने से ग्रहों का प्रभाव कई स्तरों पर दिखाई दे सकता है। चंद्रमा-राहु का प्रभाव जहां मन और निर्णय क्षमता को प्रभावित करने वाला बताया गया है, वहीं उच्च गुरु ज्ञान, विकास और अवसरों से जुड़ा है तथा मंगल ऊर्जा और साहस के साथ-साथ क्रोध और विवाद की स्थिति भी बना सकता है। इसलिए आज लाभ के अवसरों का उपयोग करते समय जल्दबाजी से बचना, आर्थिक फैसलों में सावधानी रखना, रिश्तों में संयम बरतना और वाहन चलाते समय सतर्क रहना महत्वपूर्ण रहेगा। ग्रहों से जुड़े बताए गए उपायों में शिव अभिषेक, राहु मंत्र जाप, गुरु पूजा, पीली वस्तुओं का दान और हनुमान उपासना प्रमुख हैं।










































