बीजेपी नेता कल्याण सिंह के साथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रमोद महाजन
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक का एलान किया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया है कि कल्याण सिंह का अंतिम संस्कार 23 अगस्त को नरौरा में गंगा तट पर होगा. उस दिन उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि उन्होंने अपने बड़े भाई को खो दिया है.
कल्याण सिंह का शनिवार शाम लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई अस्पताल में निधन हो गया. वो 89 वर्ष के थे. कल्याण सिंह को बीती 4 जुलाई को संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ़ होने के बाद अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था.
बीते शुक्रवार उनकी देखरेख में लगी मेडिकल टीम ने बताया था कि उनकी स्थिति बेहद नाज़ुक है. कल्याण सिंह 1991 में पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और अगले साल बाबरी मस्जिद ध्वंस की घटना के बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था. वो 1997 में दोबारा मुख्यमंत्री बने और 2014 में वो राजस्थान के राज्यपाल बने.
सिंह के निधन की ख़बर आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत राजनीतिक जगत की तमाम हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा है, “मैं अपने दुख को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. कल्याण सिंह जी एक स्टेट्समैन, वरिष्ठ प्रशासक, ज़मीनी नेता और एक महान इंसान थे. उत्तर प्रदेश के विकास में उनका अमिट योगदान है. उनके पुत्र श्री राजवीर सिंह से बात की और संवेदना व्यक्त की. शांति.”
‘छोड़ी अमिट छाप’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने ट्वीट करके लिखा है, “कल्याण सिंह जी के निधन से आज हमने एक ऐसा विराट व्यक्तित्व खो दिया जिसने अपने राजनीतिक कौशल, प्रशासकीय अनुभव और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण से राष्ट्रीय स्तर पर एक अमिट छाप छोड़ी. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.
अपनी सहजता व सरलता के कारण वे जनता में लोकप्रिय थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास को नई गति दी. राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर उनके सुदीर्घ अनुभव का लाभ दोनों राज्यों को भी मिला. उनका निधन राजनीति के एक युग का अंत है.”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्विटर पर लिखा, “जन-जन के हृदय में बसने वाले प्रखर राष्ट्रवादी आदरणीय कल्याण सिंह जी जैसा महान व्यक्तित्व ढूंढने पर विरले ही मिलता है. बाबूजी ने अपनी कर्मठता से विभिन्न संवैधानिक पदों पर रहते हुए किसान, गरीब और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर देश की प्रगति में अपना अनुपम योगदान दिया.”
‘बड़ा भाई खो दिया’
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह के सहयोगी रहे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल्याण सिंह के निधन पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि उन्होंने अपना बड़ा भाई खो दिया.
वे लिखते हैं, “श्री कल्याण सिंह जी उ. प्र. ही नहीं भारतीय राजनीति की वह क़द्दावर हस्ती थे, जिन्होंने अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से देश और समाज पर एक अमिट छाप छोड़ी. उनका लम्बा राजनीतिक जीवन जनता-जनार्दन की सेवा में समर्पित रहा. वे उत्तर प्रदेश के अत्यंत लोकप्रिय मुख्यमंत्री के रूप में जाने गए.”
“कल्याण सिंह जी के निधन से मैंने अपना बड़ा भाई और साथी खोया है. उनके निधन से आई रिक्तता की भरपाई लगभग असम्भव है. ईश्वर उनके शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस कठिन घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करे. ओम शान्ति!”
“जनसंघ के समय से ही उन्होंने भाजपा को मज़बूत बनाने और समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए कड़ी मेहनत की. श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में भी उनकी महती भूमिका के लिए उन्हें यह देश हमेशा याद रखेगा. उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए बड़ी क्षति है और मेरे लिए तो यह बहुत ही पीड़ादायक क्षण है.”


































