मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2021 में रखी गई थी। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद इस विशाल प्रोजेक्ट को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया गया है। यह उपलब्धि ‘नए भारत’ की कार्यक्षमता को दर्शाती है, जहां विकास कार्यों में किसी भी बाधा को आड़े नहीं आने दिया जाता।
आर्थिक रीढ़ मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि प्रदेश की समृद्धि का द्वार है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक कुल 12 जिलों से होकर गुजरता है, जो राज्य के एक बड़े हिस्से को उच्च-स्तरीय कनेक्टिविटी से जोड़ता है। सीएम ने इस अवसर पर भक्त प्रह्लाद और भगवान नरसिंह की धरती का विशेष वंदन भी किया।
किसानों का योगदान इस प्रोजेक्ट की सफलता में किसानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए सीएम योगी ने बताया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए लगभग एक लाख किसानों से 18 हजार एकड़ जमीन ली गई है। उन्होंने जमीन देने वाले सभी किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये एक्सप्रेसवे वास्तव में किसानों की उन्नति के मार्ग हैं, जो उन्हें बेहतर बाजार और अवसर प्रदान करेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
औद्योगिक विकास एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक संभावनाओं पर चर्चा करते हुए सीएम ने बताया कि 27 अलग-अलग स्थानों पर इंडस्ट्रियल हब तैयार किए जा रहे हैं। इन क्लस्टर्स और हब के विकास के लिए अतिरिक्त 7 हजार एकड़ जमीन ली गई है, ताकि नए निवेश को आकर्षित किया जा सके। एक्सप्रेसवे के साथ-साथ डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण भी तेजी से हो रहा है, जो उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक नई औद्योगिक पहचान दिलाएगा।
लोकतंत्र का उत्सव समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अन्य राज्यों के चुनावी घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बंगाल में चल रहे निर्भीक मतदान की सराहना की और बिहार व गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में BJP और NDA की जीत को ऐतिहासिक बताया। पीएम ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की तरह ये नए मार्ग विकसित भारत की ‘हस्तरेखाएं’ हैं, जो देश के उज्ज्वल भविष्य और मजबूत होते लोकतंत्र का उद्घोष कर रही हैं।
भविष्य का संकल्प कार्यक्रम के समापन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि यूपी के पास असीम क्षमता है और सरकार इस ताकत का इस्तेमाल जन-कल्याण के लिए कर रही है। गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की प्रक्रिया और तेज होगी। मुख्यमंत्री ने ‘जय-जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन को समाप्त किया, जिससे पूरा वातावरण ऊर्जा से भर गया।


































