ईरान और हूतियों द्वारा शनिवार तड़के किए गए इस समन्वित हमले का मुख्य उद्देश्य इजरायली वायुसेना की निगरानी और मार्गदर्शन क्षमता को पंगु बनाना था। ईरानी सैन्य कमान ने इस ऑपरेशन को एक बड़ी सफलता बताया है।
नुकसान का विवरण (Damage Assessment): ईरानी सेना के अनुसार, हवाई अड्डे के भीतर निम्नलिखित महत्वपूर्ण केंद्रों को भारी नुकसान पहुँचा है:
- Control Towers: हाल ही में निर्मित नया टावर और टर्मिनल 1 व 2 के प्राथमिक नियंत्रण टावर।
- Navigation Equipment: विमानों के मार्गदर्शन के लिए उपयोग किए जाने वाले नेविगेशन उपकरण।
- Radar & Antennas: हवाई अड्डे के रडार सिस्टम और संचार एंटेना।
रणनीतिक उद्देश्य (Strategic Intent): ईरानी सेना ने स्पष्ट किया कि इस Drone Deployment का प्राथमिक लक्ष्य इजरायली लड़ाकू विमानों की मार्गदर्शन प्रणालियों (Guidance Systems) को बाधित करना था। इन हमलों के माध्यम से इजरायल की ‘इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता’ (Electronic Warfare Capability) को निष्क्रिय करने का प्रयास किया गया है, ताकि भविष्य में होने वाले हवाई युद्धाभ्यास को रोका जा सके।
बदले की चेतावनी (Threat of Escalation): ईरान ने इस हमले को उन अपराधों का बदला बताया है जो अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी हितों के खिलाफ किए गए थे। सेना ने चेतावनी दी है कि Ben Gurion Airport का उपयोग ईरानी हितों के खिलाफ एक ‘लॉन्चपैड’ के रूप में किया जा रहा था, इसलिए यह सैन्य कार्रवाई तब तक बिना रुके जारी रहेगी जब तक शहीदों का बदला पूरा नहीं हो जाता।
मुख्य आकर्षण (Key Highlights):
- Joint Operation: ईरान और यमन (हूती) का इजरायल पर पहला इतना बड़ा साझा हमला।
- Cluster Munitions: हमले में क्लस्टर मिसाइलों का उपयोग चिंता का विषय।
- Infrastructure Hit: एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर और रडार सिस्टम को सीधा नुकसान।
- Future Warning: ईरान ने साफ किया कि यह अभियान अभी थमेगा नहीं।




































