ट्रेनिंग ले रहे सिपाही पर दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप कानपुर नगर के पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब रिजर्व पुलिस लाइन के एक ट्रेनी सिपाही पर एक मेधावी छात्रा ने दुष्कर्म जैसा जघन्य आरोप मढ़ा। आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता को शादी के झूठे वादे और सरकारी सेवा में भर्ती कराने का प्रलोभन देकर अपनी हवस का शिकार बनाया। इस घटना ने न केवल पुलिस की छवि को धूमिल किया है, बल्कि समाज में उन बेटियों के मन में भी डर पैदा कर दिया है जो घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रही हैं। यह मामला वर्दी की गरिमा और सुरक्षा के दावों के बीच एक कड़वी हकीकत बनकर उभरा है।
आरोपी का परिचय और मुलाकात का विवरण आरोपी की पहचान अलीगढ़ जनपद के निवासी योगेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो पुलिस बल का हिस्सा बनने के लिए कानपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। पीड़िता, जो एमएससी की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी थी, उसकी मुलाकात योगेंद्र से जनवरी 2026 में एक ट्रेन के सफर के दौरान हुई थी। योगेंद्र ने खुद को एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी और मददगार इंसान के रूप में पेश किया, जिससे छात्रा उसके झांसे में आ गई। दोनों के बीच शुरू हुई सामान्य बातचीत ने जल्द ही एक ऐसे मोड़ की ओर रुख कर लिया जिसकी कल्पना पीड़िता ने कभी नहीं की थी।
विश्वास का हनन और घिनौनी वारदात अधिकारी बनने का सपना देख रही छात्रा को योगेंद्र ने नौकरी दिलाने में मदद करने और विवाह करने का भरोसा दिलाया। 22 फरवरी 2026 को इसी भरोसे के बल पर आरोपी ने उसे पुलिस लाइन के पास बुलाया और वहां एकांत का फायदा उठाकर उसकी अस्मत के साथ खिलवाड़ किया। पुलिस को दी गई शिकायत में छात्रा ने बताया कि आरोपी ने इस दौरान चोरी-छिपे मोबाइल से कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिए थे। यह पूरी वारदात सुनियोजित प्रतीत होती है, जहाँ आरोपी ने वर्दी की धौंस और शादी के वादे का ढाल की तरह इस्तेमाल किया।
धमकी, शोषण और मानसिक यातना की कहानी गलत काम करने के बाद योगेंद्र ने अपना व्यवहार पूरी तरह बदल लिया और छात्रा को उन अश्लील वीडियो के नाम पर डराना शुरू कर दिया। उसने साफ कर दिया कि यदि उसने किसी को कुछ बताया या शादी की बात की, तो वह उन वीडियो को इंटरनेट पर वायरल कर उसे कहीं का नहीं छोड़ेगा। पीड़िता कई महीनों तक इस भयावह स्थिति में रही, जहाँ एक ओर बदनामी का डर था और दूसरी ओर आरोपी का निरंतर शोषण। अंततः, जब प्रताड़ना सहनशक्ति से बाहर हो गई, तो छात्रा ने अपने भविष्य की परवाह किए बिना इस अपराधी को बेनकाब करने का निर्णय लिया।
विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत कानपुर पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच की कमान वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है। आरोपी सिपाही के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभाग में किसी भी अपराधी के लिए कोई स्थान नहीं है और योगेंद्र के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बने। विभागीय स्तर पर भी उसकी ट्रेनिंग रद्द करने और उसे सेवा से निष्कासित करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है ताकि पुलिस की छवि को साफ किया जा सके।
सामाजिक प्रभाव और न्याय की पुकार इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। एक होनहार छात्रा, जो देश की सेवा का सपना देख रही थी, आज न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। यह मामला पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर भी उंगली उठाता है। महिला संगठनों और नागरिक समाज ने मांग की है कि ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। पुलिस प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि वे इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतेंगे और दोषी को उसके किए की सजा अवश्य मिलेगी।



































