बारात घर के भीतर से बच्चे की किडनैपिंग उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है, जहाँ एक शादी समारोह की खुशियाँ उस वक्त गम में बदल गईं जब एक साल के मासूम बच्चे का वहां से अपहरण कर लिया गया। पुलिस विभाग ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि यह वारदात इस्लामनगर इलाके के एक विवाह स्थल पर हुई। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिससे जांच को एक नई दिशा मिली है। इस घटना के बाद से शादी में आए मेहमानों और स्थानीय निवासियों के बीच डर और चिंता का माहौल व्याप्त है।
संभल निवासी महिला और उसके बच्चे की कहानी अधिकारियों के मुताबिक, संभल जिले की निवासी शांति देवी अपने मासूम बेटे सौरभ के साथ एक वैवाहिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बदायूं के इस्लामनगर आई थीं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बुधवार को पूरा परिवार उत्सव के माहौल में डूबा हुआ था। शांति देवी ने सोचा भी नहीं था कि भीड़भाड़ वाले इस कार्यक्रम में कोई अपराधी उनके बच्चे को निशाना बना सकता है। फिलहाल, पुलिस संभल से बदायूं तक के रास्ते और समारोह में मौजूद संदिग्धों की सूची तैयार कर रही है ताकि किसी भी सुराग को छोड़ा न जा सके।
रस्मों के बीच हुआ दर्दनाक वाकया तहरीर में बताया गया है कि रात के वक्त शांति देवी ने अपने छोटे बच्चे सौरभ को बारात घर के एक एकांत कमरे में लिटा दिया था ताकि वह आराम कर सके। इसके उपरांत वह जयमाला का कार्यक्रम देखने के लिए हॉल की तरफ चली गईं। करीब आधे घंटे बाद जब वह अपने बच्चे को देखने वापस आईं, तो सौरव बिस्तर पर नहीं था। मां ने पूरे परिसर में बच्चे को ढूंढा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। यह स्पष्ट था कि किसी ने बच्चे को सोते समय वहां से चुपचाप उठा लिया था।
डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध की पहचान सूचना मिलते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला और विवाह स्थल की घेराबंदी कर दी। सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करने पर एक महिला की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। फुटेज में देखा जा सकता है कि एक अज्ञात महिला बच्चे को अपने कपड़ों में छिपाकर या गोद में लेकर बड़ी तेजी से विवाह स्थल से बाहर निकल रही है। पुलिस इस महिला की तस्वीरों को सोशल मीडिया और विभिन्न थानों में प्रसारित कर रही है ताकि जल्द से जल्द कोई ठोस जानकारी मिल सके। सीसीटीवी में महिला के साथ कुछ अन्य संदिग्धों के भी दिखने की चर्चा है।
तलाश के लिए पुलिस की सक्रियता और रणनीति मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) हृदयेश सिंह कठेरिया ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग टीमों का गठन किया है। इन टीमों को अलग-अलग टास्क दिए गए हैं, जिसमें सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का इस्तेमाल प्रमुख है। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से एक संदेहास्पद गाड़ी का नंबर और कुछ संदिग्ध लोगों के बारे में अहम जानकारी हासिल कर ली है। जांच टीमें अब बदायूं और आसपास के इलाकों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
सुरक्षित वापसी का संकल्प और जारी छापेमारी प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी है और बच्चे की सुरक्षित वापसी का भरोसा दिलाया है। हृदयेश सिंह कठेरिया के अनुसार, पुलिस की टीमें पूरी सक्रियता के साथ विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को तकनीकी रूप से कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं जो बच्चे के ठिकाने की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इस गिरोह का पर्दाफाश होगा और सौरभ को उसके परिवार के पास सुरक्षित पहुँचा दिया जाएगा। पूरा प्रशासन इस समय बच्चे की जान बचाने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की प्राथमिकता पर काम कर रहा है।



































