जनता की शिकायतों के समाधान का महामंच गुरुवार को आयोजित जनता दर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर आम जनता के रक्षक के रूप में सामने आए। श्रावस्ती से आई एक निर्धन महिला की व्यथा सुनकर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता का परिचय दिया। महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि उसके गंभीर रूप से बीमार बच्चे का इलाज पैसों की तंगी की वजह से रुका हुआ है। इस मानवीय संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उस महिला को सांत्वना देते हुए वादा किया कि उसके बच्चे का पूरा इलाज पूरी तरह निःशुल्क होगा और सरकार इसकी पूरी जिम्मेदारी उठाएगी।
आयुष्मान कार्ड और वित्तीय मदद की घोषणा मुख्यमंत्री ने जब यह सुना कि पीड़ित परिवार के पास आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए कार्ड नहीं है, तो उन्होंने तुरंत सहायता का हाथ बढ़ाया। उन्होंने महिला को विश्वास दिलाया कि सरकार के विवेकाधीन फंड से उपचार के लिए पर्याप्त राशि आवंटित की जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आप घबराएं नहीं, हम यह पक्का करेंगे कि आपके बच्चे को बेहतर इलाज मिले।” उन्होंने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नया आयुष्मान कार्ड जारी करने और चिकित्सा व्यय का पूरा खाका तैयार कर शासन को भेजने का आदेश दिया ताकि बच्चे की सर्जरी या दवाइयों में कोई देरी न हो।
प्रशासनिक सक्रियता और श्रावस्ती डीएम को आदेश योगी आदित्यनाथ ने महिला की अर्जी पर तुरंत संज्ञान लिया और अपने मातहत अधिकारियों को इसे सीधे श्रावस्ती के जिलाधिकारी को भेजने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्ड बनाने की कागजी कार्यवाही को न्यूनतम समय में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संबंधी सहायता के मामलों में कोई भी देरी अक्षम्य होगी। उन्होंने कहा कि इलाज के खर्च का पूरा विवरण सरकार के पास जल्द से जल्द पहुंचना चाहिए ताकि धनराशि का भुगतान सीधे अस्पताल को किया जा सके और परिवार को किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
महंत दिग्विजयनाथ भवन में लगा जन दरबार इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री करीब 200 लोगों के बीच पहुंचे और उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के पास आयोजित इस दरबार में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक पीड़ित से बात की और उनके प्रार्थना पत्र लिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार उनके हर दुख में साथ खड़ी है और हर समस्या का प्रभावी व स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
भेदभाव रहित और उत्तरदायी पुलिसिंग के निर्देश कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बिना किसी पक्षपात के कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने समयबद्ध निस्तारण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी फरियादी को दोबारा उसी शिकायत के साथ उनके पास न आना पड़े। प्रशासन की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और जवाबदेही होना अनिवार्य है ताकि लोगों का सरकार पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।
अपराधियों और जमीन हड़पने वालों पर प्रहार मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को फ्री हैंड दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग गरीबों की जमीन पर कब्जा करते हैं या उन्हें डराते-धमकाते हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी एक्शन लिया जाए। अपराधियों में कानून का डर होना चाहिए और आम नागरिक के मन में सुरक्षा का भाव। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री का कोमल हृदय भी दिखाई दिया जब उन्होंने परिसर में मौजूद महिलाओं के बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भेंट की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अपना स्नेहिल आशीर्वाद दिया।



































