हार्ट अटैक अचानक नहीं आता, बल्कि हमारा शरीर लगभग एक महीने पहले से ही इसके संकेत देने लगता है। समय रहते इन चेतावनी भरे लक्षणों को पहचानकर सतर्क होना बेहद जरूरी है:
- सीने में तकलीफ: छाती में अचानक भारीपन, जकड़न, दबाव या जलन महसूस होना, जो थोड़ी देर में ठीक हो जाए।
- सांस फूलना: थोड़ा सा चलने, बात करने या सीढ़ियां चढ़ने पर हांफना (विशेषकर बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में)।
- अत्यधिक थकान: रूटीन के सामान्य काम करने में भी शरीर का बहुत जल्दी थक जाना।
- शरीर के ऊपरी हिस्सों में दर्द: दोनों हाथों, गर्दन, जबड़े, कंधों या पीठ में रह-रह कर दर्द होना। यह एक साइलेंट संकेत है।
- ठंडा पसीना और मतली: बिना गर्मी के ठंडा पसीना आना, चक्कर आना, भूख न लगना या उल्टी जैसा महसूस होना।
- नींद में खलल: बार-बार नींद टूटना या जल्दी नींद न आने की समस्या।
किन्हें है ज्यादा खतरा?
हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और बढ़े हुए खराब कोलेस्ट्रॉल वाले लोग इसके ज्यादा जोखिम में होते हैं। इसके अलावा, धूम्रपान करने वाले, 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग जो कोई शारीरिक व्यायाम नहीं करते, और वे लोग जिनके परिवार में पहले से दिल की बीमारियों का इतिहास (फैमिली हिस्ट्री) रहा है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या जीवनशैली में बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।)


























































