बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। 16 सितंबर 2026 को बुधवार है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, तर्कशक्ति, वाणी, स्मरण शक्ति, शिक्षा, व्यापार और निर्णय लेने की क्षमता से जुड़ा होता है। कुंडली में बुध कमजोर, पीड़ित या अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को पढ़ाई में मन लगाने, सही निर्णय लेने, व्यापार में स्थिरता बनाए रखने या अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में परेशानी का अनुभव हो सकता है।
ऐसी मान्यता है कि बुधवार को विधिपूर्वक भगवान गणेश, बुध देव और भगवान विष्णु की आराधना करने तथा बुध से संबंधित दान, मंत्र जाप और सेवा के उपाय करने से बुध के अशुभ प्रभावों को शांत करने में सहायता मिलती है। खासतौर पर विद्यार्थी, व्यापारी और वे लोग जिन्हें कुंडली में बुध दोष की चिंता है, बुधवार के दिन कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं।
बुध ग्रह को शांत करने के लिए किस देवता की पूजा करें?
बुध ग्रह की शांति के लिए मुख्य रूप से भगवान गणेश और भगवान विष्णु की पूजा का विधान बताया जाता है। गणेश जी बुद्धि, विवेक और विघ्नों के निवारण से जुड़े देवता हैं, जबकि बुध ग्रह का संबंध बुद्धि, वाणी और तर्क से माना जाता है। इसी कारण बुधवार को गणेश उपासना को विशेष महत्व दिया जाता है।
इसके साथ ही भगवान विष्णु अथवा नारायण की आराधना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी बुध से संबंधित दोषों की शांति के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुध देव को भगवान विष्णु का प्रतिनिधि भी माना जाता है।
बुधवार को बुध ग्रह की पूजा की सही विधि
बुधवार की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठें, लाल सिंदूर, अक्षत और पीले रंग की मिठाई या मोदक अर्पित करें। इसके बाद गणेश मंत्र और बुध मंत्र का जाप करें।
पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है:
गणेश मंत्र:ॐ गं गणपतये नमः॥
बुध मंत्र:ॐ बुं बुधाय नमः॥
सुविधानुसार किसी एक मंत्र का 108 बार जाप किया जा सकता है। पूजा के अंत में गणेश जी की आरती करें और अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगते हुए सुख, बुद्धि, एकाग्रता और कार्यों में सफलता की प्रार्थना करें।
बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए क्या करें?
बुधवार को बुध से संबंधित वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र, हरी सब्जियां और कांसे के बर्तन दान किए जा सकते हैं।
गाय को हरी घास या पालक खिलाने का भी विशेष महत्व बताया गया है। इसके अलावा संभव हो तो किसी किन्नर को हरे वस्त्र या धन का दान करें और उनका आशीर्वाद लें। बहन, बुआ और मौसी का सम्मान करना भी बुध ग्रह से संबंधित शुभ कर्मों में शामिल माना जाता है।
तुलसी पूजा भी बुधवार को की जा सकती है, लेकिन इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
व्यापार में घाटा हो रहा है तो बुधवार को करें ये उपाय
बुध ग्रह को व्यापार, गणना, वाणी और व्यावसायिक समझ का कारक माना जाता है। इसलिए कारोबार में लगातार नुकसान, काम में रुकावट या ग्राहकों की कमी जैसी समस्याओं के लिए बुधवार को कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय किए जाते हैं।
1. बुध यंत्र की स्थापना
बुधवार को बुध यंत्र को गंगाजल से शुद्ध करके दुकान या ऑफिस की तिजोरी अथवा उत्तर दिशा में स्थापित करने की सलाह दी जाती है। इसके बाद नियमित रूप से यंत्र के सामने घी का दीपक जलाएं।
2. हरी मूंग का दान
बुधवार को सवा किलो साबुत हरी मूंग दान करने का उपाय बताया गया है। इसे किसी मंदिर में दान किया जा सकता है या दिए गए विधान के अनुसार बहते जल में प्रवाहित किया जा सकता है। इसे कर्ज से राहत और व्यापार में नए अवसरों से जोड़कर देखा जाता है।
3. कपूर और लौंग का उपाय
बुधवार की शाम चांदी की कटोरी में कपूर और लौंग जलाकर उसके धुएं को दुकान या ऑफिस के स्थान पर दिखाने का उपाय भी बताया गया है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक वातावरण दूर होता है और व्यापार के लिए सकारात्मक माहौल बनता है।
4. मुख्य द्वार पर स्वास्तिक
बुधवार को दुकान या ऑफिस के मुख्य द्वार के दोनों ओर सिंदूर से स्वास्तिक का चिह्न बनाना भी शुभ माना जाता है।
पढ़ाई में मन नहीं लगता तो विद्यार्थियों के लिए खास उपाय
बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, स्मरण शक्ति और सीखने की क्षमता से जोड़ा जाता है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए बुधवार की पूजा विशेष उपयोगी मानी जाती है।
हर बुधवार भगवान गणेश को 3 या 5 दूर्वा की गांठें और मोदक अर्पित करें। गणेश जी से तीक्ष्ण बुद्धि, अच्छी स्मरण शक्ति और पढ़ाई में एकाग्रता की प्रार्थना करें।
पढ़ाई शुरू करने से पहले माता सरस्वती के मंत्र का जाप भी किया जा सकता है:
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः॥
इस मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करने की सलाह दी जाती है।
पढ़ते समय विद्यार्थी का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर हो। स्टडी टेबल पर हरे रंग की वस्तु, हरा पौधा जैसे मनी प्लांट या अन्य हरित वस्तु रखना भी शुभ माना जाता है।
बुधवार को गाय को अपने हाथों से हरी घास या पालक खिलाने का उपाय भी किया जा सकता है।
कुंडली में बुध दोष हो तो ये उपाय करें
यदि कुंडली में बुध नीच स्थिति में हो, राहु-केतु से पीड़ित हो या बुध से संबंधित अशुभ प्रभाव महसूस हो रहे हों, तो मंत्र जाप और धार्मिक उपाय किए जाते हैं।
बुध बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥
इस मंत्र का बुधवार से नियमित जाप शुरू किया जा सकता है। प्रतिदिन 1 या 3 माला यानी 108 अथवा 324 बार जाप करने का विधान बताया गया है।
बुध का सरल मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः॥
यह बुध ग्रह का सरल मंत्र है। नियमित साधना में इसका जाप किया जा सकता है।
लघु बुध मंत्र
ॐ स्त्रीं स्त्रीं बुं बुधाय नमः॥
बुध की उपासना में इस मंत्र का भी प्रयोग किया जाता है।
बुध ग्रह के प्रमुख वैदिक मंत्र
बुध की शांति के लिए दिए गए वैदिक मंत्रों में निम्न मंत्रों का जाप प्रमुख रूप से बताया गया है। इनका जाप शुद्ध उच्चारण के साथ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
वैदिक मंत्र:
ॐ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रति जागृहि त्वमिष्टापूर्ते सं सृजेथामयं च। अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन् विश्वे देवा यजमानश्च सीदत॥
अन्य वैदिक मंत्र:
ॐ आ कर्षेण रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यं च। हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन्॥
बुध गायत्री मंत्र
बुद्धि, मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता के लिए बुध गायत्री मंत्र का जाप किया जाता है।
ॐ सौम्यरूपाय विद्महे बाणेशाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्॥
इसके अलावा यह वैकल्पिक रूप भी दिया गया है:
ॐ गजध्वजाय विद्महे सुकस्ताया धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्॥
बुध का पौराणिक मंत्र
बुध देव की स्तुति के लिए इस पौराणिक मंत्र का जाप किया जाता है:
प्रियंगुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्।सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥
इस मंत्र में बुध देव के स्वरूप और उनके सौम्य गुणों का स्मरण करते हुए उन्हें प्रणाम किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसके जाप से वाणी में मधुरता और व्यापारिक कार्यों में लाभ की कामना की जाती है।
बुध दोष की शांति के लिए विष्णु सहस्रनाम
बुध ग्रह की शांति के उपायों में भगवान विष्णु की आराधना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी महत्वपूर्ण माना गया है। बुधवार को भगवान विष्णु की पूजा करके विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया जा सकता है।
इसे विशेष रूप से बुध से जुड़ी समस्याओं जैसे वाणी में परेशानी, मानसिक तनाव और बुध संबंधी अन्य अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाता है।
किन्नरों को दान और आशीर्वाद का उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं में किन्नरों का संबंध बुध ग्रह से माना गया है। बुधवार को किसी किन्नर को हरा वस्त्र, हरी चूड़ियां या अपनी सामर्थ्य के अनुसार धन दान किया जा सकता है।
दान के बाद उनसे आशीर्वाद के रूप में एक रुपये का सिक्का लेकर उसे हरे कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखने का उपाय भी बताया गया है।
बहन, बुआ और मौसी का सम्मान करें
बुध ग्रह से बहन, बुआ और मौसी का संबंध माना जाता है। इसलिए बुधवार को इन रिश्तों के प्रति सम्मान और स्नेह रखना शुभ माना जाता है। संभव हो तो उन्हें कोई उपहार दें और उनका आशीर्वाद लें।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार रिश्तों में सम्मान बनाए रखना बुध को सकारात्मक करने वाले व्यवहारों में शामिल है।
बुधवार को किन कामों से बचना चाहिए?
बुधवार को कुछ कार्यों को ज्योतिषीय दृष्टि से वर्जित माना जाता है। इस दिन पैसों का अनावश्यक उधार लेन-देन करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानी और व्यापारिक नुकसान की स्थिति बन सकती है।
बुधवार को पश्चिम दिशा की यात्रा के संबंध में भी सावधानी बरतने की बात कही गई है, क्योंकि इस दिशा में दिशाशूल माना जाता है। यात्रा अत्यंत आवश्यक हो तो धनिया या दलिया खाकर निकलने का उपाय बताया गया है।
बुधवार को वाणी पर विशेष नियंत्रण रखना चाहिए। झूठ बोलना, अपशब्द कहना, किसी से कटु भाषा में बात करना या बेवजह विवाद करना नहीं चाहिए। बुध को वाणी का कारक माना जाता है, इसलिए मधुर और संयमित भाषा को शुभ माना गया है।
इस दिन काले और गहरे लाल रंग के कपड़े पहनने से बचने तथा हरे या सफेद रंग को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।
घर की बेटियों, बहुओं और छोटी कन्याओं का अपमान भी नहीं करना चाहिए। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार महिलाओं और कन्याओं का सम्मान बुध से जुड़े शुभ फल को बढ़ाने वाला माना जाता है।
बुध की शांति के लिए कितने मंत्र जाप करें?
बुध ग्रह के मंत्रों के लिए कुल 9,000 जाप की संख्या बताई गई है। कलियुग में इसकी संख्या चार गुना यानी 36,000 मानी गई है। हालांकि नियमित साधना के लिए रोजाना 108 जाप यानी एक माला से शुरुआत की जा सकती है।
मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष या तुलसी की माला का प्रयोग किया जा सकता है। जाप करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।
पन्ना रत्न धारण करने से पहले रखें ध्यान
बुध को मजबूत करने के लिए पन्ना यानी Emerald धारण करने की ज्योतिषीय सलाह दी जाती है। हालांकि रत्न सभी लोगों के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होता। इसलिए कुंडली में बुध की स्थिति, राशि, भाव और अन्य ग्रहों के संबंध को देखते हुए ही किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह से पन्ना धारण करना चाहिए।
बुध को शुभ बनाने के लिए एक सरल बुधवार दिनचर्या
अगर आप बहुत सारे उपाय एक साथ नहीं कर सकते, तो बुधवार को यह सरल क्रम अपनाया जा सकता है:
- सुबह स्नान करके हरे या साफ-सुथरे वस्त्र पहनें।
- भगवान गणेश के सामने घी का दीपक जलाएं।
- गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
ॐ गं गणपतये नमःका जाप करें।- बुध मंत्र
ॐ बुं बुधाय नमः॥या बीज मंत्रॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥का जाप करें। - भगवान विष्णु की पूजा करें और संभव हो तो विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
- हरी मूंग, हरे वस्त्र या हरी सब्जियों का दान करें।
- गाय को हरा चारा खिलाएं।
- बहन, बुआ और मौसी का सम्मान करें।
- पूरे दिन वाणी में संयम रखें और किसी से अनावश्यक विवाद न करें।














































