दिल्ली में ब्रिक्स समिट का काउंटडाउन पूरी तरह शुरू हो चुका है और विभिन्न देशों के मेहमानों के पहुंचने का दौर भी आरंभ हो गया है। ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के साथ 12 अन्य देशों को भी इस समिट का न्योता भेजा गया है। उनके प्रतिनिधि इस बड़े सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली की तरफ रुख कर रहे हैं और शहर पहुंच रहे हैं। अब पूरी दुनिया की निगाहें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राजधानी दिल्ली पर बहुत गहराई से टिक गई हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी निर्धारित यात्रा के तहत ब्रिक्स समिट में भाग लेने के लिए भारत आ चुके हैं।
पालम एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का प्लेन आज तड़के करीब तीन बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड हुआ जहां उनकी अगवानी की गई। पुतिन ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए हैं और आज 11 सितंबर को पीएम मोदी के साथ उनकी उच्च स्तरीय बैठक होगी। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचकर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया और उनका अभिनंदन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और रूस के बीच विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती मिलने की पूरी संभावना है।
शी जिनपिंग और अन्य नेता ब्रिक्स सम्मेलन के लिए राष्ट्राध्यक्षों के आने का क्रम जारी है और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कल दिल्ली पहुंचेंगे। इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान आज दोपहर में दिल्ली पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति की इस शाम की बैठक में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों पर विशेष चर्चा की जाएगी। दुनिया भर के बड़े लीडर्स के एक साथ दिल्ली आने के कारण पूरी राष्ट्रीय राजधानी को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात किया गया है।
रणनीतिक और रक्षा मुद्दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बातचीत के दौरान डिफेंस सेक्टर से जुड़े कई बड़े मामलों की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में सुखोई 57 की डील और 75 फाइटर जेट्स की खरीद पर ठोस बातचीत होने की संभावना है। इसके अलावा एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी और न्यूक्लियर सबमरीन से जुड़े सहयोग पर भी खुलकर चर्चा होगी। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित करने के लिए रूस के साथ क्रूड ऑयल की लॉन्ग टर्म सप्लाई पर भी बात कर रहा है। दोनों देश अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करके अपनी स्थानीय मुद्राओं रुपया और रूबल में कारोबार बढ़ाने पर विचार करेंगे।
INNOPROM प्रदर्शनी का दौरा क्रेमलिन के बयान के अनुसार पुतिन 11 सितंबर को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे और प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। यह सत्र नेताओं के मुख्य शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित होता है जिसमें ब्रिक्स देशों के व्यापारिक दिग्गज हिस्सा लेते हैं। इसी दिन पुतिन और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेता INNOPROM प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से दौरा करेंगे। इस महत्वपूर्ण प्रदर्शनी का आयोजन भारत और रूस के व्यापार मंत्रालयों द्वारा मिलकर किया गया है। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच औद्योगिक और व्यापारिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई प्रदान करना है।
सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव रूसी राष्ट्रपति को दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में स्थित होटल में ठहराया गया है जहां बहुस्तरीय सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए चौबीसों घंटे तैनात किए गए हैं। इस सितंबर के शिखर सम्मेलन में डिजिटल तकनीक, वित्त, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शासन सुधारों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की यह मजबूत कूटनीतिक कैमिस्ट्री वैश्विक राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दुनिया की नजरें दिल्ली डिक्लेरेशन और भारत की कूटनीतिक सफलताओं पर पूरी तरह से केंद्रित रहेंगी।











































