Ayodhya में राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ रिटायर्ड एयर मार्शल Jitendra Mishra की मुलाकात CM Yogi Adityanath से होगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath आज Ayodhya के विशेष दौरे पर रहकर रामलला के दर्शन और पूजन करेंगे। नए सीईओ Jitendra Mishra भी आज सुबह ही रेल मार्ग के जरिए Deoria से होते हुए Ayodhya पहुंचे हैं। सीईओ का पद संभालने के बाद मुख्यमंत्री के साथ उनकी यह पहली आधिकारिक और अत्यंत महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक है। इस मुलाकात में मंदिर की सुरक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति का विवरण: बीते 2 सितंबर को Jitendra Mishra को Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust का पहला सीईओ नियुक्त किया गया। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के Deoria जिले के निवासी हैं और हाल ही में सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं। लगभग 4 महीने पहले 30 अप्रैल 2026 को ही वे भारतीय वायु सेना से एयर मार्शल के रूप में रिटायर हुए थे। उन्होंने अपने 43 साल के लंबे करियर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और कारगिल युद्ध जैसे ऐतिहासिक सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया। वे भारतीय वायु सेना की पश्चिमी कमान के चीफ भी रहे हैं और उन्हें SYSM, AVSM व VSM मेडल मिले हैं।
दान चोरी विवाद और पदमुक्ति: राम मंदिर परिसर में दान राशि की चोरी का मामला सामने आने के बाद यह विवाद पूरे देश में गहरा गया था। चोरी के इस प्रकरण के कारण Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust की काफी आलोचना और फजीहत हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai और Anil Mishra को तुरंत पदमुक्त कर दिया गया था। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद ही मंदिर के प्रबंधन और वित्तीय लेन-देन को व्यवस्थित करने के लिए सीईओ पद बनाया गया। पेशेवर सैन्य अनुभव वाले व्यक्ति को इस पद पर बिठाकर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया।
ट्रस्ट के नए सदस्यों का चयन: राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति के साथ ही ट्रस्ट बोर्ड में तीन नए ट्रस्टी भी मनोनीत किए गए थे। नए सदस्यों के रूप में Delhi के व्यवसायी Mahesh Bhagchandka को ट्रस्ट में शामिल किया गया है। वहीं धार्मिक नगरी Ayodhya के निवासी Madan Mohan Pandey को भी नए ट्रस्टी का दायित्व सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त Shikohabad की प्रतिनिधि Nirmala Yadav को भी बोर्ड में नए ट्रस्टी के रूप में जगह दी गई है। इन सभी नए पदाधिकारियों के आने से राम जन्मभूमि परिसर का ढांचागत और प्रशासनिक संचालन अधिक पारदर्शी बनेगा।
राम सेवा पर सीईओ के विचार: सीईओ नियुक्त होने के बाद Jitendra Mishra ने अपने विचार साझा करते हुए इसे भगवान का आशीर्वाद करार दिया था। उन्होंने कहा कि अनेक दावेदारों के बीच उनका चयन होना उनके जीवन की एक बेहद विशेष और भावुक उपलब्धि है। भारतीय वायु सेना में 43 वर्षों तक मातृभूमि की सेवा करने के बाद यह नया दायित्व उनके लिए अत्यंत गरिमामय है। उन्होंने कहा कि एयरफोर्स के बाद अब उन्हें प्रभु श्री राम और श्री राम भक्तों की सेवा का अवसर मिला है। वे अपने इस कार्यकाल में पारदर्शिता, सुरक्षा और सुचारू प्रबंधन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर कार्य पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे का महत्व: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का आज का Ayodhya दौरा राम मंदिर के प्रशासनिक पुनर्गठन के लिहाज से बेहद खास है। रामलला के दर्शन करने के साथ-साथ वे मंदिर परिसर में सुरक्षा और निर्माण कार्यों की समीक्षा भी कर सकते हैं। नए सीईओ Jitendra Mishra के साथ उनकी यह मुलाकात मंदिर के भावी रोडमैप को तय करने में मददगार होगी। दान विवाद के बाद बने नए माहौल में व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी पर लाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। आज की इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद मंदिर ट्रस्ट के संचालन में कई नए और ठोस बदलाव देखने को मिल सकते हैं।













































