अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जग्गू भगवानपुरिया गैंग के खतरनाक गैंगस्टर नीतीश कौशल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे अमेरिका के वरमोंट (Vermont) राज्य से हिरासत में लिया गया है। बेहद दिलचस्प बात यह है कि इस गिरफ्तारी से ठीक दो दिन पहले ही अमेरिकी प्रशासन ने नीतीश कौशल को अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया था। यह पूरी कार्रवाई एफबीआई द्वारा अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत की गई है, जिसके जरिए विदेशी धरती पर पैर पसार चुके भारतीय गैंगस्टरों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य
गैंगस्टर नीतीश कौशल पर अमेरिका में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य होने का संगीन आरोप है। एफबीआई के आधिकारिक बयानों के अनुसार, नीतीश कौशल का यह सिंडिकेट सुपारी लेकर हत्या करने, ड्रग्स की बड़े पैमाने पर तस्करी, रंगदारी वसूलने, अपहरण (किडनैपिंग), हथियारों की अवैध स्मगलिंग, हवाला कारोबार और मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) जैसी जघन्य वारदातों में संलिप्त रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पंजाब से शुरू हुए इस जग्गू भगवानपुरिया गैंग का जाल आज अमेरिका के कैलिफोर्निया सहित दुनिया के कई विकसित देशों तक फैल चुका है।
कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट से जारी था वारंट
नीतीश कौशल ने कथित रूप से जग्गू भगवानपुरिया गैंग के इशारे पर अमेरिका में अपहरण, जानलेवा हमलों और कई अन्य हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया है। उसकी इन आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए बीते 25 जून को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट ने उसके खिलाफ एक गैर-जमानती अरेस्ट वारंट जारी किया था। नीतीश के ऊपर अमेरिकी कानून के तहत ‘रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स कॉन्स्पिरेसी’ (RICO) जैसी बेहद सख्त धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से ही अमेरिकी एजेंसियां उसकी तलाश में थीं।
क्या है एफबीआई का ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’?
एफबीआई ने दुनिया भर में फैले इन खतरनाक आपराधिक नेटवर्क्स को नेस्तनाबूद करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ (Operation Hard ball) नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत एफबीआई और उसके विशेष एजेंट अब तक अमेरिका, कनाडा और यूरोप के विभिन्न देशों में 50 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर चुके हैं। इन छापों के दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार, करोड़ों रुपये की ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामग्री सीज की गई है। इस ऑपरेशन के मुख्य निशाने पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग, जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बराड़ जैसे गैंगस्टरों का सिंडिकेट है।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग के वैश्विक नेटवर्क पर चार्जशीट
अमेरिकी ग्रैंड ज्यूरी इससे पहले भी भारत, मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा तक फैले इस कथित अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क का एक बड़ा भंडाफोड़ कर चुकी है। अमेरिकी अदालतों में दाखिल की गई चार्जशीट में जग्गू भगवानपुरिया और उसके गुर्गों पर अवैध हथियारों के सिंडिकेट, रंगदारी, हत्या की साजिश रचने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने के ठोस आरोप लगाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नीतीश कौशल की इस गिरफ्तारी से मेक्सिको और कनाडा बॉर्डर के जरिए होने वाली ड्रग्स की तस्करी पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकेगी।


























































