कुंभ संक्रांति 13 फरवरी सोमवार को है। कुंभ संक्रांति के दिन सूर्य और शनि की युति कुंभ राशि में बनेगी। सूर्य और शनि की युति से सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ना तय है। किसी को लाभ होगा तो किसी को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
सूर्य शनि की युति से बचने के लिए कुंभ संक्रांति पर दान करना लाभकारी होता है। काशी ज्योतिषी चक्रपाणि भट्ट से जानिए कुंभ संक्रांति पर किन वस्तुओं का दान करने से सूर्य शनि युति के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।
कब है होगी सूर्य शनि की युति?
सूर्य देव इस समय मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। वे 13 फरवरी को सुबह 09:57 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिस समय कुंभ संक्रांति होगी। उस समय से शनि और सूर्य कुंभ राशि में एक युति बनाएंगे। फिर 15 मार्च तक कुंभ राशि में सूर्य और शनि की युति होगी। 15 मार्च को सुबह 06 बजकर 47 मिनट पर सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और यह युति समाप्त हो जाएगी।

कुंभ संक्रांति 2023 पुण्यकाल
13 फरवरी को कुंभ संक्रांति सुबह 07 बजकर 02 मिनट से 09 बजकर 57 मिनट तक है। ऐसे में आप कुंभ संक्रांति पर सुबह स्नान करें और दान करें। इस दिन आपको सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए और शनि की भी पूजा करनी चाहिए। इससे दोनों ग्रहों के शुभ फल मिलेंगे और उनका दुष्प्रभाव कम होगा।

कुंभ संक्रांति 2023 की महत्वपूर्ण सामग्री दान
1. कुंभ संक्रांति भगवान सूर्य की आराधना का दिन है। इस कारण आपको 13 फरवरी की सुबह स्नान और पूजा के बाद गुड़, गुड़हल या लाल फूल और गेहूं या घी का दान करना चाहिए। यह दान आपकी कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति को मजबूत करेगा। यदि सूर्य बलवान है तो आपको करियर में सफलता मिलेगी और सूर्य दोष है तो दूर हो जाएगा। उनकी नकारात्मकता समाप्त होगी।
2. कुंभ संक्रांति के दिन सूर्य और शनि की युति हो रही है, इसका भी कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में कुंभ संक्रांति पर सुबह स्नान के बाद शनिदेव का स्मरण करें और काले तिल, काली उड़द और नीले फूल का दान करें।



































