संजीव कुमार शुक्ला
लखनऊ :इस्कॉन मन्दिर, लखनऊ में सात दिवसीय श्रीमद भागवतम कथा मे आज इस्कॉन जोनल सेक्रेटरी आदरणीय श्रीमान देवकीनंदन प्रभु जी, लखनऊ मंदिर के अध्यक्ष आदरणीय श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु जी एवं मंदिर उपाध्यक्ष श्रीमान लाल बहादुर जी ने दीप प्रज्जवलित कर कथा का शुभारम्भ किया l आज कि कथा मे इस्कॉन जोनल सेक्रेटरी आदरणीय श्रीमान देवकीनंदन प्रभु जी ने बताया कि हमें पांच ऋण अवश्य चुकाने चाहिए, जो इस प्रकार हैं:-मातृ ऋण, पितृ ऋण, ऋषि ऋण, समाज ऋण एवं प्राणी ऋण. साथ ही साथ हमें दान अवश्य करना चाहिए l हमारे पास जो कुछ भी है वह भगवान का दिया हुआ है. भगवान की संपत्ति भगवान को ही देना दान कहलाता है. दान और चैरिटी मे बहुत अंतर है चैरिटी उसे कि जाती है जिसे आवश्यकता होती है और दान भगवान को किया जाता है, भगवान को कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सब कुछ देने वाले तो वही है.उपस्थित भक्त इस्कॉन के कीर्तन एवं नृत्य मे जमकर झूमें l कथा के उपरांत लखनऊ शहर एवं आस – पास से आये सैकड़ो भक्तों ने भोजन प्रसाद भंडारा का आनंद उठाया l






























