रियाणा में जुलाई के महीने में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद अब अगस्त में भी मानसून के ऐक्टिव रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार अगस्त में बादल जमकर बरसने के आसार हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश होगी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर एक गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। औसत समुद्र तल से संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्र पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसका संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है। मॉनसून की ट्रफ रेखा गंगानगर, दक्षिण हरियाणा, फिरोजाबाद, दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश, डाल्टनगंज, दीघा और फिर उत्तर पश्चिम बंगाल पर निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र की ओर बढ़ रही है।
24 घंटों में बारिश की गतिविधि
बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और कोंकण और गोवा के कुछ भागों में आने वाले 24 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार जताए जा रहे हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, तटीय कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में एक या दो स्थानों के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा गुजरात, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में बादल बरस सकते हैं।






























