राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय समन्वय बैठक तीन और चार सितंबर को यहां होगी जिसमें विश्व ङ्क्षहदू परिषद एवं कुछ अन्य आनुषांगिक संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख (मीडिया/प्रचार शाखा प्रमुख) सुनील अंबेडकर ने बताया कि संघ और उसके आनुषांगिक संगठनों की यह समन्वय बैठक वर्तमान कोरोना वायरस महामारी के चलते छोटी एवं अनौपचारिक बैठक होगी। बता दें कि 2022 में यूपी समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे में यह राष्ट्रीय समन्वय बैठक भी अहम मानी जा रही है।उन्होंने कहा, ” हर वर्ष सितंबर में एक विशाल बैठक होती है । लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते पिछले साल छोटी बैठक हुई और इस साल भी नागपुर में छोटी बैठक ही होगी। ” वैसे उन्होंने इस दो दिवसीय बैठक का एजेंडा नहीं बताया।अंबेडकर ने बताया कि आरएसएस के अखिल भारतीय पदाधिकारी तथा विहिप, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) एवं विद्या भारती समेत विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के राष्ट्रीय स्तर के संगठन मंत्री इस बैठक में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस की स्थिति में सुधार आने पर 2022 की शुरुआत में पूर्ण समन्वय बैठक होगी।





































