जापान ने अपनी रक्षा नीति में एक युगांतकारी परिवर्तन करते हुए स्वदेशी टाइप-12 लंबी दूरी की मिसाइलों के पहले बैच को दक्षिण-पश्चिमी सैन्य कैंप में तैनात कर दिया है। मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित ये मिसाइलें अब 1,000 किलोमीटर की मारक क्षमता रखती हैं, जो चीन की मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम हैं।
प्रमुख रणनीतिक बिंदु:
- स्टैंडऑफ क्षमता: जापान अब दुश्मन के रडार और मिसाइल ठिकानों पर उनकी रेंज से बाहर रहकर हमला कर सकता है।
- नीति में बदलाव: यह कदम जापान की दशकों पुरानी ‘केवल आत्मरक्षा’ (Exclusively Defense-Oriented) की नीति से हटकर ‘जवाबी हमले की क्षमता’ (Counterstrike Capability) की ओर बढ़ने का संकेत है।
- भविष्य की योजना: जापान केवल स्वदेशी मिसाइलों तक सीमित नहीं है। वह इस साल के अंत तक अमेरिकी टोमाहॉक क्रूज मिसाइलों को अपने जहाजों (जैसे JS चोकाई) पर तैनात करने की तैयारी में है।
रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के अनुसार, यह कदम “जंग के बाद के सबसे गंभीर सुरक्षा माहौल” का मुकाबला करने के लिए आवश्यक है।





































