फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के बाद रूस में पहली बार संसदीय चुनाव हुए हैं। 450 सीटों वाली स्टेट ड्यूमा के लिए हुए इस चुनाव में शुरुआती मतगणना राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी के पक्ष में जाती दिखाई दे रही है। अब तक गिने गए मतों में पार्टी करीब 57 फीसदी वोटों के साथ सबसे आगे चल रही है। चुनाव के दौरान एक तरफ सत्ताधारी दल बड़ी जीत की ओर बढ़ता दिखाई दिया, तो दूसरी तरफ मतदान के अंतिम दिन यूक्रेन ने रूस के खिलाफ बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। इस वजह से चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक गतिविधियों के साथ सुरक्षा स्थिति भी चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही।
मॉस्को की ओर बढ़े करीब 450 ड्रोन चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेन ने रूस में 1600 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की दिशा में बढ़ रहे थे। रूसी अधिकारियों के मुताबिक हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई, जिनमें 44 साल की एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला उस समय हुआ, जब रूस में संसदीय चुनाव की मतदान प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में थी। राजधानी की ओर बड़ी संख्या में ड्रोन बढ़ने की जानकारी सामने आने के बाद चुनावी माहौल के बीच सुरक्षा स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई। इस हमले ने एक बार फिर यह दिखाया कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर चुनावी प्रक्रिया के दौरान भी बना हुआ है।
तेल रिफाइनरी को भी पहुंचा नुकसान मॉस्को के मेयर के मुताबिक यूक्रेनी ड्रोन हमले से राजधानी की एक बड़ी तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा है। हालांकि रिफाइनरी में किसी व्यक्ति के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। हमले के दौरान बड़ी संख्या में ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ने की बात कही गई, जबकि राजधानी के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया गया। चुनाव के अंतिम दिन राजधानी पर हुए इस हमले ने रूस में जारी मतदान प्रक्रिया के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौती पैदा की। एक तरफ देश में लोग संसदीय चुनाव के लिए मतदान कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ रूस को बड़े ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा और इसका असर चुनाव के अंतिम दिन के घटनाक्रम पर भी दिखाई दिया।
यूनाइटेड रशिया को दो-तिहाई सीटें मिलने की उम्मीद ड्रोन हमलों के बीच हुए संसदीय चुनाव की शुरुआती मतगणना में राष्ट्रपति पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी करीब 57 फीसदी वोटों के साथ सबसे आगे चल रही है। पार्टी को 450 सीटों वाली स्टेट ड्यूमा में दो-तिहाई सीटें मिलने की मजबूत संभावना जताई जा रही है। रूस में करीब 57 फीसदी मतदान हुआ है, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक बताया गया है। चुनाव में युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली याब्लोको जैसी विपक्षी पार्टियों और युद्ध-विरोधी उम्मीदवारों को मुख्य राष्ट्रीय सूची से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद चुनावी मैदान में मुख्य रूप से सरकार की नीतियों का समर्थन करने वाले दल ही मौजूद रहे। इसी बीच शुरुआती मतगणना में यूनाइटेड रशिया की मजबूत बढ़त सामने आई है।
राष्ट्रीय एकता और सैनिकों के समर्थन पर पुतिन का जोर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस चुनाव को राष्ट्रीय एकता और रूसी सैनिकों के समर्थन से जोड़कर देखा है। रूस में यह चुनाव ऐसे समय हुआ है, जब यूक्रेन के साथ युद्ध जारी है और दोनों देशों के बीच हमले लगातार हो रहे हैं। चुनाव के शुरुआती आंकड़ों में यूनाइटेड रशिया की मजबूत स्थिति सामने आने के बाद पार्टी के लिए बड़ी संख्या में सीटें हासिल करने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि अंतिम परिणाम अभी बाकी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अंतिम नतीजे 25 सितंबर के आसपास आने की उम्मीद है। इसके बाद ही 450 सीटों वाली स्टेट ड्यूमा में यूनाइटेड रशिया और अन्य दलों की अंतिम स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
जेलेंस्की ने ट्रंप से की फोन पर बातचीत रूस में चुनाव के आखिरी दिन हुए बड़े ड्रोन हमले के बाद अब रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ जवाबी हमला किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी घटनाक्रम के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। बातचीत के बाद जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को पास कराने के लिए ट्रंप का धन्यवाद किया। इस घटनाक्रम के बाद रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम परिणामों के साथ-साथ रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष की अगली दिशा पर भी नजर बनी हुई है। एक तरफ यूनाइटेड रशिया की चुनावी बढ़त सामने आ रही है, तो दूसरी तरफ मॉस्को पर हुए बड़े हमले के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।












































