गुरुवार को शेयर बाजार में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। कारोबारी सत्र के दौरान बाजार कई बार लाल निशान तो कभी हरे निशान में झूलता रहा। लेकिन आखिरी घंटे में निवेशकों की जोरदार खरीदारी ने बाजार का पूरा रुख बदल दिया। इस शानदार वापसी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। अंत में बीएसई सेंसेक्स 273.55 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,928.15 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी का शानदार प्रदर्शन सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक निफ्टी में भी अच्छी रिकवरी दर्ज की गई। कारोबार के अंत में निफ्टी 66.95 अंक चढ़कर 24,317.15 के स्तर पर सफलता के साथ बंद हुआ। हालांकि बाजार में सूचकांक बढ़त पर रहे, फिर भी कुल मिलाकर उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रही। बाजार के इस उठापटक वाले सत्र में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से काफी अधिक रही। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों को हल्की कमजोरी का सामना करना पड़ा।
ऑटो और आईटी की ताकत बाजार की इस तेजी में मुख्य रूप से ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों ने दमदार ताकत दिखाई। बुधवार के आंकड़ों के अनुसार निफ्टी ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.6 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, आयशर मोटर्स और मारुति सुजुकी जैसे दिग्गज शेयरों में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया। टेक महिंद्रा और कोल इंडिया के शेयरों में भी भारी खरीदारी से निवेशकों को बहुत अच्छा मुनाफा हुआ। दूसरी तरफ रियल्टी सेक्टर का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा और इसका इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत तक टूट गया।
शीर्ष लाभ और नुकसान वाले शेयर निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने आज निवेशकों की झोली भर दी। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में सबसे अधिक 2.26 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही कोल इंडिया 1.79 प्रतिशत, आयशर मोटर्स 1.67 प्रतिशत और मारुति 1.66 प्रतिशत की बढ़त पर रहे। वहीं गिरावट वाले शेयरों में अडाणी पोर्ट्स को सबसे ज्यादा 3.38 प्रतिशत का भारी नुकसान उठाना पड़ा। एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस और एसबीआई लाइफ के शेयर भी एक से दो प्रतिशत तक टूट गए।
तेजी के मुख्य कारण बाजार में इस शानदार तेजी के पीछे आईटी शेयरों में निवेशकों की लगातार खरीदारी एक बड़ी वजह रही। वैश्विक बाजारों में एआई शेयरों की रफ्तार धीमी होने से निवेशकों का रुझान भारतीय आईटी कंपनियों की ओर बढ़ा है। इस वजह से जुलाई महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 20 प्रतिशत की बढ़त की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह आईटी शेयरों में पिछले छह वर्षों की सबसे बड़ी मासिक तेजी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी बुधवार को 2,982 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर सकारात्मक माहौल बनाया।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी शेयर बाजार में निवेशकों का विश्वास लौटने की तीसरी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में आई गिरावट रही। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई नरमी से भारत जैसे तेल आयातक देशों को बड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल सस्ता होने से देश में बढ़ती महंगाई का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। महंगाई दर में कमी आने से सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था को भविष्य में बहुत फायदा मिलने की उम्मीद है। इन सभी सकारात्मक कारणों के मिले-जुले प्रभाव ने आज शेयर बाजार को एक मजबूत दिशा प्रदान की है।


























































