लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनरल सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और गौरवशाली उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान में रोबोटिक सर्जरी सेवा के सफल एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को “रोबोटिक सर्जरी: द न्यू फ्रंटियर” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केजीएमयू स्थित कलाम सेंटर में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक संपन्न हुआ।

संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) तारिक मंसूर, विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय माहेश्वरी और प्रो. बी. के. ओझा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का औपचारिक स्वागत व अभिनंदन किया गया। जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव अरुण सोनकर ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्रो. फराज अहमद ने संगोष्ठी की रूपरेखा और रोबोटिक सर्जरी के एक वर्ष के सफर का विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान देश के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों ने आधुनिक शल्य चिकित्सा में रोबोटिक तकनीक की बढ़ती उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर अपने विचार साझा किए:
- स्वदेशी तकनीक ‘एसएसआई मंत्रा’ (SSI Mantra): जटिल ऑपरेशनों में इसके व्यावहारिक परिणाम।
- रेजिडेंट्स का प्रशिक्षण: युवा सर्जनों को आधुनिक रोबोटिक प्लेटफॉर्म में पारंगत बनाने की रणनीति।
- अंग प्रत्यारोपण: किडनी ट्रांसप्लांट में रोबोट की मदद से मिलने वाली सूक्ष्म सटीकता।
- जटिल प्रक्रियाएं: रोबोटिक हर्निया रिपेयर, रेक्टल प्रोलैप्स, फंडोप्लीकेशन और रोबोटिक पित्ताशय निष्कासन (कोलेसिस्टेक्टॉमी)।
विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से मरीजों का रक्तस्राव बेहद कम होता है, संक्रमण का जोखिम घटता है और रिकवरी तेजी से होती है। यह संगोष्ठी उन्नत सर्जिकल सेवाओं, नवाचार और बहुविषयक सहयोग को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हुई, जिससे केजीएमयू का आधुनिक चिकित्सा नेतृत्व और अधिक सुदृढ़ हुआ है।







































