अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2028 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर फिलहाल किसी एक नाम के पक्ष में खुलकर हामी नहीं भरी है। उनसे मौजूदा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की संभावित उम्मीदवारी के समर्थन को लेकर सवाल किया गया था। ट्रंप ने जवाब में कहा कि चुनाव में अभी काफी समय बाकी है और उनके पास कई अच्छे विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि सभी विकल्प अच्छे हैं और इस समय किसी एक नाम को लेकर फैसला करना जल्दबाजी होगी। रिपब्लिकन पार्टी की संभावित दौड़ में जेडी वेंस के साथ विदेश मंत्री मार्को रूबियो का नाम भी सबसे आगे माने जाने वाले नेताओं में शामिल है।
कनाडा से बातचीत को बताया कठिन ट्रंप ने आयरलैंड से लौटते समय एयर फोर्स वन में कनाडा के साथ जारी बातचीत को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कनाडा के साथ डील करना सबसे मुश्किल काम है। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि कनाडा अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए काफी बेताब है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार समझौते को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। ट्रंप की ताजा टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दे पहले से ही चर्चा में बने हुए हैं।
मध्य पूर्व को लेकर बेपरवाह नजर आए इसी बातचीत के दौरान ट्रंप ने मध्य पूर्व की स्थिति पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि खाड़ी के अन्य देश ईरान से मुलाकात कर रहे हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी उनके आयरलैंड दौरे से लौटने के दौरान सामने आई। इस दौरान उन्होंने कनाडा के साथ बातचीत और मध्य पूर्व से जुड़े सवालों पर अपनी स्थिति बताई। उनके इन बयानों के साथ चीन को लेकर कही गई उनकी बात भी सोमवार के प्रमुख बयानों में शामिल रही।
चीन पर सीधे लगाया जासूसी का आरोप ट्रंप ने चीन को लेकर कहा कि चीन अमेरिका की जासूसी करता है और अमेरिका भी चीन के साथ ऐसा ही करता है। उनका यह बयान दोनों देशों के बीच जासूसी से जुड़े आरोपों को फिर सामने ले आया है। खास बात यह है कि यह टिप्पणी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आगामी अमेरिका यात्रा से कुछ समय पहले आई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि जिनपिंग के अमेरिका आने पर वह उनसे लगभग हर चीज पर बातचीत करेंगे। इस बयान के बाद आगामी दोनों नेताओं की बैठक को लेकर चीन और अमेरिका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा बढ़ गई है।
व्हाइट हाउस में होगी अहम मुलाकात शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार वह 23 सितंबर 2026 को अमेरिका पहुंचेंगे। इसके बाद 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से होगी। इससे पहले ट्रंप जून महीने में चीन गए थे और उन्होंने जिनपिंग के साथ हुई अपनी मुलाकात को सकारात्मक बताया था। अब दोनों नेताओं की अगली बैठक अमेरिकी धरती पर होने वाली है। इस बैठक से पहले ट्रंप द्वारा चीन की जासूसी और अमेरिका की ओर से भी ऐसा किए जाने की बात कहना इसे और चर्चा में ले आया है।
एक ही दिन में कई मुद्दों पर बयान सोमवार को ट्रंप की टिप्पणियों में अमेरिका की विदेश नीति और घरेलू राजनीति से जुड़े अलग-अलग विषय सामने आए। एक तरफ उन्होंने चीन और जासूसी का जिक्र करते हुए शी जिनपिंग की आगामी यात्रा पर बात की, तो दूसरी ओर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में संभावित रिपब्लिकन दावेदारों को लेकर भी अपना रुख बताया। कनाडा के साथ व्यापार समझौते को उन्होंने मुश्किल बातचीत बताया और मध्य पूर्व में खाड़ी देशों के ईरान से मिलने को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। इस तरह ट्रंप के बयानों में चीन, चुनाव, कनाडा और मध्य पूर्व चार अलग-अलग प्रमुख मुद्दे रहे। अब नजर 23 और 24 सितंबर को होने वाली जिनपिंग की अमेरिका यात्रा और ट्रंप के साथ उनकी प्रस्तावित बैठक पर रहेगी।














































