दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन का अमेरिका में बहुत ही सफलतापूर्वक समापन हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस खेल आयोजन को अमेरिका की एक बहुत बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। इस बार वर्ल्ड कप की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको ने मिलकर संयुक्त रूप से की थी। ट्रंप को एक शानदार मेजबान के रूप में अपने देश की भारी सफलता पर बहुत अधिक गर्व है। उन्होंने कहा कि यह सफल टूर्नामेंट दिखाता है कि दुनिया भर के लोग हमारे देश से कितना प्यार करते हैं।
फिर मेजबानी की इच्छा: राष्ट्रपति ट्रंप इस बड़े टूर्नामेंट की अपार सफलता से बहुत ही ज्यादा खुश और उत्साहित हैं। उनकी खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक नया प्रस्ताव दे डाला है। उन्होंने फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो को अगला वर्ल्ड कप भी जल्द ही अमेरिका में कराने का सुझाव दिया है। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका भविष्य में भी इस तरह के बड़े आयोजनों के लिए पूरी तरह तैयार है। यह सुझाव स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अमेरिका खेल की दुनिया में अपनी मजबूत पकड़ बनाना चाहता है।
वीजा और पाबंदियां: इस टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में अमेरिकी सरकार को काफी ज्यादा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। सरकार द्वारा बनाए गए सख्त वीजा नियमों के कारण कई खेल प्रशंसकों को भारी परेशानी हुई थी। इसके अलावा ईरान जैसे कुछ खास देशों के फैंस पर लगाई गई पाबंदियों ने भी बड़ा विवाद खड़ा किया था। मानवाधिकार संगठनों और आम लोगों को डर था कि इन कड़े नियमों के कारण प्रशंसकों को बहुत दिक्कत होगी। इसके साथ ही टूर्नामेंट के टिकटों के दाम बहुत ज्यादा होने के कारण भी लोगों में काफी अधिक नाराजगी थी।
रेड कार्ड पर विवाद: टूर्नामेंट के दौरान एक ऐसा समय भी आया जब एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। यह बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो को फोन लगा दिया। दरअसल एक अहम मैच में अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन को रेफरी द्वारा रेड कार्ड दिखा दिया गया था। अमेरिकी खिलाड़ी को मैच से बाहर करने के इस कड़े फैसले से राष्ट्रपति ट्रंप काफी अधिक नाराज थे। अपनी इसी भारी नाराजगी के चलते ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष से इस निर्णय की तुरंत समीक्षा करने को कहा था।
फैंस ने उठाया लुत्फ: शुरुआत में तमाम विवादों और कड़े नियमों के बावजूद टूर्नामेंट के माहौल में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। जैसे-जैसे इस टूर्नामेंट के मैच आगे बढ़े, खेल का पूरा माहौल पूरी तरह से उत्सव में बदल गया। सोशल मीडिया पर दुनिया भर से आए फुटबॉल फैंस की अनगिनत तस्वीरें और कई मजेदार वीडियो छाए रहे। इन तस्वीरों में प्रशंसक अमेरिकी संस्कृति, वहां के खान-पान और मैचों का जमकर लुत्फ उठाते नजर आए। लोगों का सारा शुरुआती डर पूरी तरह खत्म हो गया और उन्होंने इस खेल महाकुंभ का पूरा आनंद लिया।
सांस्कृतिक अनुभव: यह पूरा वैश्विक आयोजन केवल एक साधारण खेल के मैदान तक ही बिल्कुल भी सीमित नहीं रहा। व्हाइट हाउस टास्क फोर्स के मुताबिक, इस टूर्नामेंट ने दुनिया को एक बहुत ही खूबसूरत सांस्कृतिक अनुभव भी दिया है। खेल के माध्यम से अलग-अलग देशों की संस्कृति और लोगों का एक बहुत ही शानदार मिलन देखने को मिला। ट्रंप ने भी यह माना कि इस बड़े खेल आयोजन ने सच में पूरी दुनिया को एक साथ लाने का काम किया है। अंततः सभी विवादों को पीछे छोड़ते हुए यह टूर्नामेंट अमेरिका के लिए एक बहुत ही शानदार सफलता बन गया।


























































