ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने 179 रन की शानदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया। उनकी इस पारी ने न केवल मुश्किल में फंसी मेजबान टीम को संभाला, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी उनके नाम कर दिया, जो पिछले 28 वर्षों से भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के नाम दर्ज था। 36 साल की उम्र में बावुमा ने अपनी बल्लेबाजी से कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। बारिश के कारण खेल में रुकावट आने के बाद ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष क्रम को बुरी तरह झकझोर दिया था। शुरुआती झटकों के चलते मेजबान टीम पर दबाव बढ़ गया, लेकिन कप्तान ने जिम्मेदारी संभालते हुए अपनी टीम को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।
110 रन पर छह विकेट गिरने के बाद टीम ने की शानदार वापसी: दूसरे दिन दक्षिण अफ्रीका की हालत बेहद खराब हो गई थी और टीम ने महज 110 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे। ऐसे समय में बावुमा ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने रयान रिकेल्टन, मार्को यानसन और साइमन हार्मर के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं, जिससे दक्षिण अफ्रीका का स्कोर लगातार आगे बढ़ता गया। बावुमा ने एक छोर संभाले रखा और अपनी लंबी पारी के दौरान गेंदबाजों का सामना करते हुए टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। उनकी 179 रन की पारी तीसरे दिन देर से समाप्त हुई। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने नौ विकेट पर 425 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी। शुरुआती छह विकेट जल्दी गंवाने के बावजूद इतना बड़ा स्कोर खड़ा करना टीम के लिए महत्वपूर्ण रहा और इसमें कप्तान की पारी की निर्णायक भूमिका रही।
मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: बावुमा अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को पीछे छोड़ दिया। अजहरुद्दीन ने वर्ष 1998 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 163 रन बनाए थे। उस समय उनकी उम्र 35 वर्ष और 38 दिन थी। दूसरी ओर, बावुमा ने 36 वर्ष और 154 दिन की उम्र में 179 रन की पारी खेलकर यह कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। इस तरह लगभग 28 वर्षों से कायम रिकॉर्ड अब दक्षिण अफ्रीका के कप्तान के नाम हो गया। उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने यह कारनामा उस समय किया, जब उनकी टीम शुरुआती विकेट गंवाने के बाद बड़े संकट में थी और उसे संभालने के लिए एक जिम्मेदार पारी की जरूरत थी।
वॉली हैमंड और माइक डेनेस जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हुए बावुमा: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के रूप में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले उम्रदराज खिलाड़ियों की सूची में इंग्लैंड के दिग्गज वॉली हैमंड और माइक डेनेस के नाम भी शामिल हैं। हैमंड ने वर्ष 1938 में लॉर्ड्स के मैदान पर 35 वर्ष की उम्र में 240 रन की विशाल पारी खेली थी। वहीं, डेनेस ने वर्ष 1975 में मेलबर्न में 34 वर्ष की उम्र में 188 रन बनाए थे। इन खिलाड़ियों के बीच बावुमा ने 179 रन की पारी के साथ अपना स्थान बनाया है। जब उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, तब उनकी उम्र 36 वर्ष और 154 दिन थी। इस पारी के साथ उन्होंने न केवल अपनी टीम को मुश्किल से निकाला, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के ऐतिहासिक रिकॉर्डों में भी अपना नाम दर्ज करा लिया। उनकी उपलब्धि अनुभवी खिलाड़ियों की उस सूची में एक नया अध्याय जोड़ती है, जिसमें उम्र के साथ जिम्मेदारी निभाते हुए बड़ी पारियां खेलने वाले कप्तान शामिल हैं।
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भी बनाया ऐतिहासिक कीर्तिमान: बावुमा ने अपनी पारी के दौरान एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह 36 वर्ष की उम्र पार करने के बाद दक्षिण अफ्रीका की धरती पर किसी टेस्ट पारी में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले पहले कप्तान बन गए। यह कारनामा इससे पहले 76 साल पहले देखने को मिला था। वर्ष 1950 में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आर्थर लिंडसे हैसेट ने गकेबरहा में ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 167 रन बनाए थे। उस समय हैसेट की उम्र 36 वर्ष और 187 दिन थी। बावुमा ने 36 वर्ष और 154 दिन की उम्र में 179 रन बनाकर इस ऐतिहासिक सूची में दूसरा स्थान हासिल किया। इस तरह उनकी पारी ने एक ही मुकाबले में दो बड़ी उपलब्धियां दर्ज कराईं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कप्तान के रूप में उम्रदराज खिलाड़ी की सबसे बड़ी पारियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और अपनी घरेलू धरती पर भी लंबे समय से चली आ रही उपलब्धि को दोहराने का मौका दिया।
179 रन की पारी से दक्षिण अफ्रीका को मिला मजबूत आधार: ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के सामने शुरुआती विकेट गंवाने के बाद दक्षिण अफ्रीका को ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी, जो दबाव में टिककर खेल सके और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाए। बावुमा ने यही जिम्मेदारी निभाते हुए 179 रन बनाए। रयान रिकेल्टन, मार्को यानसन और साइमन हार्मर के साथ उनकी साझेदारियों ने पारी को मजबूती दी और दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट पर 425 रन तक पहुंचाने में मदद की। मोहम्मद अजहरुद्दीन का रिकॉर्ड तोड़ने के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका की धरती पर उम्रदराज कप्तान के रूप में 150 से अधिक रन बनाने की उपलब्धि ने उनकी पारी को और खास बना दिया। शुरुआती संकट से टीम को बाहर निकालने और व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाने के कारण बावुमा का प्रदर्शन इस टेस्ट मुकाबले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बन गया। उनकी यह पारी दक्षिण अफ्रीका की वापसी और कप्तानी की जिम्मेदारी निभाने का यादगार उदाहरण बन गई।














































