अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस ने फिल्मी सितारों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जुहू और बांद्रा जैसे इलाकों में अभिनेताओं के घरों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है, जिनमें अक्षय कुमार का नाम भी शामिल है। बांद्रा में पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने के साथ ही कई अभिनेताओं की निजी सुरक्षा टीमों ने भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इस बीच मामले की जांच में सामने आया है कि कथित गैंगस्टर अनिल पंडित ने हमले की योजना लगभग ढाई महीने पहले बनाई थी। आरोप है कि उसने वारदात को अंजाम देने के लिए तीन युवकों को अपने साथ जोड़ा और उनमें से एक, हरियाणा के सोनीपत निवासी 18 वर्षीय रेहान अंसारी को रुपये भेजे। पुलिस अब कथित साजिश की पूरी कड़ी, आरोपियों की भूमिका और आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।
अगस्त में संपर्क कर तैयार की गई कथित हमले की योजना: जांच के अनुसार, अगस्त 2026 में अनिल पंडित ने रेहान अंसारी से इंटरनेट के जरिए फोन करने वाली तकनीक के माध्यम से संपर्क किया था। आरोप है कि इसी बातचीत के दौरान टाइगर श्रॉफ पर हमले की योजना को अंतिम रूप दिया गया। रेहान को कथित तौर पर 37 हजार रुपये भेजे गए थे। मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को विदेश में बेहतर भविष्य और नौकरी का लालच दिए जाने की बात भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवकों को इस वारदात के लिए किस तरह तैयार किया गया और क्या टाइगर श्रॉफ के अलावा किसी दूसरे बड़े फिल्मी सितारे को निशाना बनाने की भी योजना थी। जांच एजेंसियां कथित साजिश से जुड़ी बातचीत, धनराशि के हस्तांतरण और आरोपियों के बीच संपर्क के तरीकों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि हमले के पीछे की पूरी योजना स्पष्ट हो सके।
7 अक्टूबर को मुंबई पहुंचे तीनों युवक, अभिनेता की गतिविधियों पर रखी नजर: पुलिस के मुताबिक, रेहान अंसारी और उसका 18 वर्षीय साथी फूल सिंह 7 अक्टूबर को मुंबई पहुंचे थे। वहां दोनों ने कथित तौर पर अनिल पंडित के सहयोगी 22 वर्षीय ऋतिक रोशन से संपर्क किया। जांच में आरोप है कि तीनों युवकों को अमेरिका में बेहतर भविष्य का सपना दिखाया गया था। मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को अभिनेता की दिनचर्या, कार्यक्रम और मौके से जुड़ी जानकारी कहां से मिली। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि वारदात के लिए स्थान और समय का चुनाव किस तरह किया गया तथा तीनों के बीच जिम्मेदारियां कैसे बांटी गई थीं। पुलिस कथित सहयोगियों और साजिश से जुड़े अन्य संपर्कों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
18 अक्टूबर की शाम जुहू में हुई फायरिंग, कार को भी लगीं गोलियां: घटना 18 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े छह बजे की बताई गई है, जब तीनों आरोपी जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क पहुंचे। टाइगर श्रॉफ को वहां एक कार्यक्रम में शामिल होना था और आरोप है कि तीनों भीड़ में शामिल होकर उनका इंतजार करने लगे। शाम करीब सात बजे फूल सिंह ने कथित तौर पर पांच गोलियां चलाईं। इसी दौरान रेहान की पिस्तौल जाम हो गई और दो जिंदा कारतूस जमीन पर गिर गए। फायरिंग में दो गोलियां कार के अगले हिस्से पर लगीं और एक गोली उमेश चौहान को लगी। इसके अलावा तीन गोलियां अभिनेता की कार में जा घुसीं, जिनमें से एक चालक के हाथ में लगी। वारदात के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए। पुलिस अब इस्तेमाल किए गए हथियारों, घटनास्थल पर आरोपियों की गतिविधियों और फायरिंग से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
मोटरसाइकिल छोड़कर टैक्सी से सूरत पहुंचे, फिर ट्रेन से भागने की कोशिश: पुलिस के मुताबिक, फायरिंग के करीब 15 मिनट बाद शाम 7 बजकर 15 मिनट पर तीनों आरोपी अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां मोटरसाइकिल छोड़ दी। इसके बाद वे ट्रेन से कांदिवली गए। शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर उन्होंने कांदिवली से सूरत जाने के लिए किराये की टैक्सी ली। 19 अक्टूबर की रात 1 बजकर 31 मिनट पर सूरत पहुंचने के बाद तीनों पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए। बताया गया है कि बिना टिकट यात्रा करने पर टिकट जांचकर्ता ने उन पर जुर्माना भी लगाया था। इस बीच मुंबई अपराध शाखा ने राजस्थान पुलिस को आरोपियों की तस्वीरें और सीसीटीवी कैमरों में दर्ज दृश्य भेजे, ताकि उनकी पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके। पुलिस ने आरोपियों के सफर के रास्ते और अलग-अलग स्थानों पर उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाकर उनकी तलाश तेज कर दी थी।
कोटा रेलवे स्टेशन पर तीनों गिरफ्तार, अब मुंबई में पूछताछ होगी: 19 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर ट्रेन के कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी आरोपियों के डिब्बे में दाखिल हुए। शुरुआत में तीनों ने पुलिसकर्मियों को टिकट जांचकर्ता समझा और उन्हें जुर्माने की रसीदें भी दिखाईं। हालांकि, कुछ ही देर में उन्हें पता चल गया कि सामने पुलिस टीम है। इसके बाद मुंबई अपराध शाखा की टीम कोटा पहुंची और तीनों आरोपियों को पारगमन हिरासत में लेकर मुंबई रवाना हुई। अब उन्हें मुंबई की किला अदालत में पेश किया जाना है। पुलिस उनसे कथित साजिश, रुपये के लेन-देन, हथियारों की व्यवस्था, अभिनेता की गतिविधियों की जानकारी जुटाने और हमले के पीछे के मकसद से जुड़े सवालों पर पूछताछ करेगी। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि इस वारदात की योजना किसने बनाई, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और क्या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या बड़ी साजिश भी शामिल थी।














































