वाराणसी में भारी बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। सरकार की कार्रवाई से यह स्पष्ट किया गया है कि जनसुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी निभाने में किसी भी तरह की ढिलाई को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
पंप नहीं चले तो बढ़ा दबाव: प्रारंभिक जांच में 3 और 4 सितंबर की स्थिति को महत्वपूर्ण माना गया है। इन दोनों दिनों में भारी बारिश होने के बावजूद चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन और गोईठहां सीवेज शोधन संयंत्र के पंप समय पर नहीं चलाए गए और बंद रहे। पंपों के संचालन में हुई इस लापरवाही के कारण बारिश के दौरान सीवर लाइनों पर क्षमता से अधिक दबाव बन गया। पानी को समय रहते बाहर निकालने की व्यवस्था प्रभावित हुई और इसका असर शहर के निचले इलाकों में दिखाई दिया। जलभराव के कारण आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
अवरोधक लगाने की योजना भी नहीं: जांच के दौरान चौकाघाट पम्पिंग स्टेशन की व्यवस्था में एक और कमी सामने आई। नदी के उल्टे बहाव से आने वाले पानी को रोकने के लिए जरूरी गेट या अवरोधक लगाने के संबंध में कोई ठोस योजना या आकलन तैयार नहीं किया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से दिए गए निर्देशों का अपेक्षित तरीके से पालन नहीं किया गया। इससे यह सवाल उठा कि बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पहले से क्यों नहीं की गईं।
प्रभावित इलाकों में मंत्री ने लिया जायजा: जलभराव की स्थिति के बीच नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी का दौरा किया। उन्होंने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर मौके पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था और पानी जमा होने की स्थिति देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्थाओं को युद्धस्तर पर ठीक करने के निर्देश दिए। इसके बाद लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ी और अधिशासी अभियंता के खिलाफ निलंबन का कदम उठाया गया।
नियमों के तहत अनुशासनिक जांच: पवन कुमार गुप्ता के खिलाफ केवल निलंबन की कार्रवाई ही नहीं हुई है, बल्कि विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश भी दिए गए हैं। यह जांच उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के प्रावधानों के तहत की जाएगी। जांच में पंपों के समय पर संचालन से लेकर जल निकासी व्यवस्था की तैयारी और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन तक से जुड़े मामलों को देखा जाएगा। विभागीय जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी। फिलहाल अधिकारी निलंबित हैं और उन्हें मुख्य अभियंता, कानपुर क्षेत्र के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
निलंबन के दौरान मिलेगा भत्ता: निलंबन अवधि में पवन कुमार गुप्ता को मुख्य अभियंता, कानपुर क्षेत्र के कार्यालय से संबद्ध रहना होगा। इस अवधि के दौरान वह नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे। वाराणसी में भारी बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था में सामने आई कमियों के बाद सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई है। मामले की विभागीय जांच अब आगे बढ़ेगी और जलभराव के दौरान सामने आई लापरवाहियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।









































