*चरस तस्करी के दोषी नेपाली नागरिक को मिला 12 वर्ष का कठोर कारावास।* अब्दुल कादिरखान/ इरशाद हुसैन बराइच। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद एनडीपीएस एक्ट के मामले में दोषसिद्ध नेपाली नागरिक अखिल पुन मगर को न्यायालय ने 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह (II) की अदालत ने थाना रूपईडीहा के मामले में यह फैसला सुनाया। पुलिस के अनुसार 22 दिसंबर 2023 को थाना रूपईडीहा पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम भारत-नेपाल सीमा पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान नेपाल की ओर से भारत आ रहे संदिग्ध व्यक्ति अखिल पुन मगर की तलाशी ली गई। उसके कब्जे से 2.200 किलोग्राम अवैध चरस बरामद हुई थी।मामले में थाना रूपईडीहा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक जितेंद्र यादव ने साक्ष्य संकलन और गवाहों के बयान के आधार पर 9 जनवरी 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय द्वारा 17 फरवरी 2026 को आरोप विरचित किए गए।न्यायालय ने 25 अगस्त 2026 को अभियुक्त अखिल पुन मगर पुत्र कुल बहादुर पुन, निवासी रुज्जी खोला, ग्रामपालिका भूमे, जनपद रुकुम, नेपाल को एनडीपीएस एक्ट में 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया।पुलिस के मुताबिक पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप यह सजा हुई। मामले में थाना प्रभारी रूपईडीहा, मॉनीटरिंग सेल, विशेष लोक अभियोजक प्रेम प्रकाश मिश्रा, कोर्ट मोहर्रिर म0हे0का0 चंदा देवी तथा थाना पैरोकार कांस्टेबल अभिमन्यु कुमार ने प्रभावी पैरवी की।