बहराइच। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त कमल कुमार मिश्रा को न्यायालय ने आजीवन सश्रम कारावास और कुल 1.05 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय सुनील कुमार-XII की अदालत ने थाना कोतवाली देहात के मुकदमे में यह फैसला सुनाया। अभियुक्त कमल कुमार मिश्रा निवासी दूलम्हा, थाना कोतवाली देहात, पर नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास तथा विरोध करने पर पीड़िता की मां से मारपीट का आरोप था।
पुलिस के अनुसार घटना के संबंध में 25 सितंबर 2024 को कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने 4 अक्टूबर 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में न्यायालय ने 19 नवंबर 2024 को आरोप विरचित किए थे।
न्यायालय ने धारा 115(2) बीएनएस के तहत अभियुक्त को छह माह के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत प्राकृतिक जीवन के शेष भाग तक आजीवन सश्रम कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न जमा करने पर क्रमशः एक माह और छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के मुताबिक यह सजा पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम है। मामले में प्रभारी थाना कोतवाली देहात, मॉनीटरिंग सेल, विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र कुमार मौर्या, कोर्ट मोहर्रिर म0आ0 बबिता पाण्डेय तथा थाना पैरोकार कांस्टेबल शाहरुख ने प्रभावी पैरवी की।










































