इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के Bushehr Nuclear Plant पर किए गए लगातार हमलों ने पूरे मध्य-पूर्व (Middle East) में परमाणु तबाही का डर पैदा कर दिया है। शनिवार को चौथी बार हुए इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पड़ोसी खाड़ी देशों को एक गंभीर चेतावनी जारी की है।
विकिरण का खतरा (Risk of Radiation): अराघची ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि बुशहर परमाणु केंद्र पर बमबारी से अगर Radioactive Fallout (रेडियोधर्मी विकिरण) होता है, तो इसका असर केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे GCC देशों (सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान) की राजधानियों में जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर रहा है।
अमेरिका में ईरानियों पर कार्रवाई (Visa & Green Card Revocation): युद्ध के मैदान के बाहर भी अमेरिका ने कड़े कदम उठाए हैं:
- Visa Cancellation: ट्रंप प्रशासन ने ईरान की सरकार और IRGC से जुड़े चार नागरिकों के वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए हैं।
- Detention: जनरल कासिम सुलेमानी की एक महिला रिश्तेदार और उनकी बेटी को अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों (ICE) ने हिरासत में ले लिया है और उन्हें निर्वासित (Deport) करने की तैयारी है।
निष्कर्ष: ईरान अब ‘आर-पार’ की मुद्रा में है। जहाँ एक तरफ सैन्य मोर्चे पर धमकियों का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ Nuclear Escalation की चेतावनी ने वैश्विक शक्तियों को सकते में डाल दिया है। यदि 48 घंटे की यह समयसीमा बिना किसी समझौते के समाप्त होती है, तो दुनिया एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की गवाह बन सकती है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- Strait of Hormuz: ट्रंप ने 48 घंटे में जलडमरूमध्य खोलने की शर्त रखी।
- Bushehr Attack: चौथी बार परमाणु केंद्र पर हमला, विकिरण फैलने की आशंका।
- Regional Impact: सऊदी और यूएई जैसे देशों के अस्तित्व पर ईरान ने सवाल उठाए।
- Diplomatic Action: अमेरिका ने सुलेमानी के परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया।





































