आगामी दिनों में मनाए जाने वाले बकरीद पर्व को लेकर उत्तर प्रदेश में पूरे प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रखने के लिए पुलिस अफसरों और जिलाधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। देश भर में इस त्योहार को मनाने के लिए जहां मुस्लिम समुदाय तैयारियों में जुटा है, वहीं उत्तर प्रदेश शासन सुरक्षा को लेकर मुस्तैद है। आगामी 28 मई को शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार संपन्न कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सार्वजनिक स्थानों पर रोक
मुख्यमंत्री ने हाई लेवल मीटिंग में साफ कर दिया है कि बकरीद के दिन किसी भी सार्वजनिक या खुले स्थान पर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। जारी आदेश के अनुसार किसी भी हालत में खुले में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। सभी श्रद्धालुओं को मस्जिद परिसर के अंदर ही शांतिपूर्वक नमाज अदा करनी होगी। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सड़कों को पूरी तरह से जाम करके नमाज पढ़ने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।
शिफ्ट में नमाज का विकल्प
बकरीद के पावन अवसर पर मस्जिदों में उमड़ने वाली भीड़ के प्रबंधन को लेकर भी मुख्यमंत्री ने एक व्यावहारिक रास्ता सुझाया है। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी मस्जिद में नमाजियों की संख्या क्षमता से ज्यादा हो, तो वहां अलग-अलग शिफ्ट में नमाज अदा की जानी चाहिए। इस नियम के लागू होने से न तो सड़कों पर भीड़ इकट्ठा होगी और न ही सुरक्षा व्यवस्था में कोई व्यवधान उत्पन्न होगा। स्थानीय पुलिस को धर्मगुरुओं के साथ मिलकर इस व्यवस्था को लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुओं की कुर्बानी के नियम
पर्व के दौरान दी जाने वाली पशुओं की कुर्बानी को लेकर भी योगी सरकार ने बेहद कड़े कानूनी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक खुले में किसी भी प्रकार की या किसी भी जीव की कुर्बानी देने पर पूरी तरह से कानूनी रोक रहेगी। इसके साथ ही देश के कानून के तहत जो भी पशु प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं, उनकी कुर्बानी किसी भी सूरत में नहीं दी जा सकेगी। प्रशासन को इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त आपराधिक मुकदमे दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
गंदगी फैलाने पर रोक
धार्मिक रीति-रिवाजों के संपादन के बाद उत्पन्न होने वाले कचरे को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने अपने सातवें बड़े आदेश में साफ तौर पर कहा है कि कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाई जाए। सभी नागरिकों और आयोजनकर्ताओं को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि उनके कारण पड़ोसियों या राहगीरों को कोई असुविधा न हो। स्थानीय निकायों को भी इस दौरान कचरा उठाने के लिए विशेष गाड़ियां तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन से होगी निगरानी
त्यौहार के पावन मौके पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले हुड़दंगियों और शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई है। सूबे के सभी प्रमुख ईदगाहों और सामूहिक स्थलों पर सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस फोर्स चौबीसों घंटे तैनात रहेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के जितने भी सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाके हैं, वहां सुरक्षा बल अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेंगे। इन विशिष्ट क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों और हवा में उड़ने वाले ड्रोन कैमरों की मदद से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।





































