दिल्ली एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि संदिग्ध यात्रियों के सामान की जांच के दौरान कुल छह वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद किए गए। इन सभी पैकेटों के भीतर भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा होने का पूरा संदेह था जिसके बाद इन्हें तुरंत सील कर दिया गया। वजन करने पर लगभग 29 किलोग्राम वजन के चार पैकेट एक थाई यात्री के सामान से बरामद किए गए थे। वहीं करीब 19 किलोग्राम वजन के दो अन्य पैकेट दूसरे थाई यात्री के निजी सामान से तलाशी के दौरान बाहर निकाले गए। इन दोनों यात्रियों के पास मिले गांजे का कुल सामूहिक वजन 47.805 किलोग्राम दर्ज किया गया है।
कस्टम विभाग मुस्तैद
इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात दिल्ली एयरपोर्ट कस्टम कमिश्नर अरविंद सरन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपनी बात सामने रखी है। उन्होंने कहा कि यह जब्ती हाल के सालों में देश के किसी भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई सबसे बड़ी ड्रग्स की बरामदगी में से एक है। सरन ने कहा कि इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी ड्रग्स और दूसरी बैन चीजों की स्मगलिंग की कोशिशों को रोकने के लिए चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रख रहे हैं। अधिकारियों की तत्परता और निरंतर सतर्कता के कारण ही इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों को देश के भीतर खपाने से पहले ही पकड़ लिया गया।
अन्य स्मगलिंग पर नजर
कस्टम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर सुरक्षा के अन्य आयामों और चुनौतियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर मादक पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ने के साथ-साथ सोने की स्मगलिंग को रोकने के लिए भी ठोस कोशिशें की जा रही हैं। अवैध रूप से की जाने वाली हर तरह की स्मगलिंग पर अंकुश लगाने के लिए कस्टम विभाग की टीमें अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही हैं। हवाई अड्डे पर आने वाले हर अंतरराष्ट्रीय विमान और उसके यात्रियों की गतिविधियों पर खुफिया नजर रखी जाती है। किसी भी अवैध आयात या स्मगलिंग के प्रयास को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बल प्रतिबद्ध हैं।
विशेष गांजे की विशेषता
हवाई अड्डे पर भारी मात्रा में पकड़ा गया यह हाइड्रोपोनिक वीड आम तौर पर मिलने वाले गांजे का एक बहुत ही हाई-पोटेंसी वाला रूप माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे सामान्य खेती की तरह मिट्टी के बजाय केवल पोषक तत्वों से भरपूर पानी में ही विशेष रूप से उगाया जाता है। वैज्ञानिक पद्धति के अनुसार इसी तरह के पानी में आलू और अन्य जरूरी फसलें भी उगाई जाती हैं ताकि पैदावार बेहतर हो सके। लेकिन अब कृषि वैज्ञानिकों की इसी आधुनिक तकनीक का उपयोग नशे के अंतरराष्ट्रीय कारोबारी भी इस अवैध धंधे में धड़ल्ले से करने लगे हैं। इसके कारण यह ड्रग्स बाजार में बेहद महंगी और खतरनाक हो जाती है।
खुफिया इनपुट पर कार्रवाई
कस्टम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार पकड़े गए दोनों थाई नागरिक 22 मई को बैंकॉक से उड़ान भरकर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे थे। इन दोनों अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को हवाई अड्डे पर बने सुरक्षा के ग्रीन चैनल को पार करने के तुरंत बाद अधिकारियों द्वारा रोक लिया गया था। बयान में साफ कहा गया कि विभाग को इस संबंध में एक अत्यंत विशिष्ट जानकारी और खुफिया इनपुट पहले से ही प्राप्त था। इसके अलावा यात्रियों के संदिग्ध यात्रा संकेतकों के आधार पर कार्रवाई करते हुए ही सीमा शुल्क अधिकारियों ने उनके सामान की दोबारा गहन जांच की थी। इसी जांच का परिणाम था कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हो सका।
बड़ी जब्ती का रिकॉर्ड
अधिकारियों ने शनिवार को इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि यह हाल के दिनों में आईजीआई एयरपोर्ट पर ड्रग्स की सबसे बड़ी जब्ती है। जब्त की गई इस पूरी खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 48 करोड़ रुपये आंकी गई है जो कि अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। दोनों विदेशी तस्करों को सीमा शुल्क अधिनियम के तहत हिरासत में ले लिया गया है और उनसे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। कस्टम विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि भारत में इस खेप की डिलीवरी किसे की जानी थी।





































