उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रीष्मावकाश के पावन अवसर पर राज्य के प्रबुद्ध अभिभावकों और प्यारे बच्चों के नाम एक विस्तृत संदेश पत्र प्रेषित किया है। इस विशेष पत्र के माध्यम से उन्होंने देश की संस्कृति को बचाने के लिए पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने पर विशेष बल दिया है। सीएम योगी ने एक सुंदर उदाहरण देते हुए लिखा कि याद रखिए, वास्तविक जीवन में जिस वृक्ष की जड़ें जितनी अधिक मजबूत होती हैं, वही वृक्ष आगे चलकर सबसे अधिक फलदायी एवं दीर्घजीवी होता है। हमारी महान भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कार भी ठीक वैसे ही होते हैं जिन्हें सहेज कर रखना हम सभी का परम कर्तव्य है।
घूमने का वास्तविक महत्व
मुख्यमंत्री ने पर्यटन को शिक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा बताते हुए अपने पत्र में आगे लिखा कि एक अत्यंत आवश्यक बात और है जिसे समझना हम सबके लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन में घूमना-फिरना केवल मनोरंजन नहीं है बल्कि यह संपूर्ण व्यावहारिक जीवन को और उसकी विविधताओं को करीब से समझने का एक बहुत बड़ा माध्यम है। अभिभावकों को अपने बच्चों को हमेशा ऐसे चुनिंदा ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थानों पर जरूर लेकर जाना चाहिए, जहां वे प्रकृति के साथ-साथ लोक विविधता का भी प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें। ऐसी यात्राएं बच्चों के मानसिक विकास को एक नया आयाम देती हैं।
यूपी के पर्यटन स्थल
राज्य के भीतर ही मौजूद प्राकृतिक संपदा का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के कई विख्यात पर्यटन स्थलों का नाम अपने पत्र में सुझाया है। उन्होंने लिखा कि हमारे प्रदेश में स्थित दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच तथा कतर्निया घाट वन्यजीव विहार जैसे प्रसिद्ध स्थल प्रकृति की अपार और अद्भुत सुंदरता से बच्चों को परिचित कराते हैं। इन शांत और सुंदर स्थलों की सैर बच्चों की इस गर्मी की यात्रा को हमेशा के लिए चिर-स्मरणीय और ज्ञानवर्धक बना देती है। उन्होंने कहा कि यदि हम इन छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ पाएं, तो यह समय उनके जीवन की अमूल्य पूंजी बन जाएगा।
स्कूल की व्यस्तता से राहत
बच्चों की मानसिक स्थिति को समझते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए हमेशा ही आनंद, उत्साह और नए शोध का एक अनूठा समय लेकर आती हैं। स्कूल की लगातार व्यस्त रहने वाली दिनचर्या से थोड़ी सी राहत मिलते ही हर बच्चे का मन कुछ न कुछ नया सीखने, नए स्थान देखने और अपनों के साथ समय बिताने को उत्सुक हो उठता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस खाली समय का उपयोग अपनी व्यक्तिगत रुचियों को पहचानने और नई आदतें विकसित करने में करें ताकि वे जीवन के ऐसे व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें जो संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हों।
बुजुर्गों के सानिध्य की अपील
अभिभावकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को बुजुर्गों के करीब लाने की वकालत की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि आज के इस भागदौड़ भरे युग में बच्चे दादा-दादी और नाना-नानी के सानिध्य से मिलने वाले अनमोल अनुभवों से लगातार वंचित होते जा रहे हैं। इसी वजह से मेरा सभी माता-पिता से यह विशेष आग्रह है कि इन छुट्टियों में अपने बच्चों को ननिहाल और ददिहाल अवश्य लेकर जाएं। उन्हें अपने पूरे परिवार के साथ खुलकर समय बिताने दें ताकि वे अपने पारिवारिक संस्कारों एवं प्राचीन परंपराओं को बहुत निकट से पहचान सकें।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
अपने संदेश को समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक अपील प्रदेश की जनता के सामने रखी है। उन्होंने सभी से इन गर्मियों की छुट्टियों को पूरी तरह से प्लास्टिक-मुक्त बनाने का एक मजबूत और पवित्र संकल्प लेने को कहा है। उन्होंने यात्रा के दौरान प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाने तथा पिकनिक आदि के समय केवल कपड़े या जूट के थैलों का ही प्रयोग करने का निर्देश दिया है। सीएम ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देना चाहिए क्योंकि आज के छोटे प्रयास ही कल बड़े परिवर्तन का आधार बनेंगे।





































