सराय काले खां इलाके में खूनी संघर्ष और गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर सराय काले खां के पास जाल बिछाकर छह बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। यह गिरफ्तारी महज एक साधारण छापेमारी नहीं थी, बल्कि पुलिस और अपराधियों के बीच एक हिंसक मुठभेड़ का परिणाम थी। पुलिस दल को देखते ही इन बांग्लादेशी नागरिकों ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अपने बचाव और अपराधियों को काबू में करने के लिए क्राइम ब्रांच ने भी जवाबी गोलीबारी की। अंततः, पुलिस की रणनीति सफल रही और बिना किसी को नुकसान पहुँचाए इन खतरनाक अपराधियों को दबोच लिया गया।
फायरिंग और हथियार बरामदगी का विवरण मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने पुलिस दल पर कुल तीन फायर किए, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के कारण कोई घायल नहीं हुआ। पकड़े गए बदमाशों के पास से वे आग्नेयास्त्र बरामद किए गए हैं जिनका उपयोग उन्होंने पुलिस पर हमला करने के लिए किया था। फिलहाल आरोपियों से इस बात को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है कि क्या उनके पास कोई वैध पहचान पत्र है और वे दिल्ली के किन इलाकों में शरण लिए हुए थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दिल्ली में उनके मददगार कौन हैं और वे किन अन्य आपराधिक गुटों के संपर्क में थे।
अंतरराज्यीय डकैत गैंग के नेटवर्क का अंत बीती रात सराय काले खां के पास हुआ यह एनकाउंटर दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस कार्रवाई से एक ऐसे डकैत गैंग का खात्मा हुआ है जो अपनी क्रूरता के लिए जाना जाता था। जब डकैतों ने पुलिस की चेतावनी को अनसुना कर फायरिंग की, तो क्राइम ब्रांच ने भी सटीक निशाना साधते हुए उन्हें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। यह गिरोह पिछले काफी समय से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बना हुआ था। गिरफ्तार किए गए छहों अपराधी पेशेवर डकैत हैं जिन्होंने चोरी और लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया है।
अपराध में प्रयुक्त सामग्री और आपराधिक इतिहास गिरफ्तार डकैतों के पास से बरामद सामानों की सूची काफी लंबी है। पुलिस ने उनके पास से 4 अत्याधुनिक पिस्तौल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और सेंधमारी के विशेष उपकरण जब्त किए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह एक ‘मल्टी-स्टेट क्राइम सिंडिकेट’ का हिस्सा है। इनका आपराधिक रिकॉर्ड दिल्ली के अलावा गोवा, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है। ये लोग केवल लूटपाट ही नहीं करते थे, बल्कि प्रतिरोध करने पर पीड़ित की हत्या करने से भी पीछे नहीं हटते थे। कई राज्यों की पुलिस काफी समय से इनकी तलाश में खाक छान रही थी।
सीमित सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का तरीका जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ये सभी अपराधी भारत-बांग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। इनकी काम करने की शैली ‘हिट-रन-हाइड’ पर आधारित थी, जिसमें ये लोग घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले असहाय बुजुर्गों को अपना निशाना बनाते थे। सोना और कीमती सामान लूटने के बाद ये लोग भूमिगत हो जाते थे। अवैध रूप से घुसपैठ करने के कारण इनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं था, जिससे इन्हें पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। अब इनके पकड़े जाने से कई अनसुलझे मामलों के खुलने की संभावना है।
कानूनी कार्यवाही और भविष्य की रणनीति क्राइम ब्रांच ने बताया कि पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक किसी बड़े आपराधिक सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य हैं। पुलिस अब उनके बैंक खातों, मोबाइल कॉल्स और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लूट का माल कहाँ खपाया जाता था। दिल्ली पुलिस ने इस सफल ऑपरेशन के बाद सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ाने और अवैध प्रवासियों की पहचान करने की प्रक्रिया को और तेज करने का निर्णय लिया है। इन 6 डकैतों से पूछताछ में मिलने वाली जानकारियों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां होने की प्रबल संभावना है।





































