अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को बृहस्पतिवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके पहले दोनों आरोपियों को सीजेएम की कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनी केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। दूसरे दिन तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
महंत नरेंद्र गिरि ने अपनी आत्महत्या के पहले लिखे गए कथित सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी को जिम्मेदार ठहराया था। आद्या प्रसाद तिवारी बाघंबरी गद्दी मठ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले संगम तट पर स्थित बड़े हनुमान (लेटे हनुमान) मंदिर के मुख्य पुजारी थे। आनंद गिरि से विवाद के नरेंद्र गिरि ने इन्हें पुजारी पद से हटा दिया था।
महंत का कहना था कि आद्या प्रसाद तिवारी और उसके पुत्र संदीप तिवारी आनंद गिरि के विश्वासपात्र हैं। मठ के शिष्यों की मानें तो इसके बाद ही दोनों नरेंद्र गिरि से खुन्नस खाए हुए थे। हालांकि पुलिस की पूछताछ में आद्या ने कहा है कि महंत नरेंद्र गिरि उसके लिए भगवान थे। वह उनकी हत्या या उनके खिलाफ साजिश के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता।
सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद टीम पहुंची प्रयागराज
वहीं महंत नरेंद्र गिरी की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम प्रयागराज पहुंच गई है। सीबीआई की टीम एसआईटी के साथ बैठक कर रही है। योगी सरकार ने बुधवार को ही सीबीआई जांच की सिफारिश की थी और 24 घंटे के भीतर टीम वहां पहुंच गई। अभी तक इस मामले की जांच 18 सदस्यीय एसआईटी कर रही थी। नरेंद्र गिरि के द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट और उसके बाद सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को उलझाकर रख दिया है।





































