ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक और एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। किसी भी नए कार्य की शुरुआत या शुभ प्रसंग में ‘चंद्रबल’ (चंद्रमा की शुभता) का विचार अवश्य किया जाता है। इसके साथ ही, ग्रहों के गोचर और योगों का भी मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। 28 जून को चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बन रहा ‘नवपंचम योग’ कुछ विशेष राशियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होने वाला है। आइए विस्तार से समझते हैं चंद्रबल की गणना और इस विशेष योग का राशियों पर प्रभाव।
चंद्रबल (Chandrabal) क्या है?
चंद्रबल का अर्थ है— किसी विशेष दिन पर चंद्रमा की शक्ति या आपके लिए उसकी शुभता। चंद्रमा को मानसिक और आत्मिक शक्ति प्रदान करने वाला ग्रह माना जाता है। यदि आपका चंद्रबल शुभ है, तो मन प्रसन्न रहता है, वैचारिक शक्ति उत्तम होती है और कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि विवाह, मुंडन या अन्य मांगलिक कार्यों के दौरान पंडित और पुरोहित विशेष रूप से चंद्रबल की गणना करते हैं।
चंद्रबल कैसे देखें?
यह जानना बेहद आसान है कि चंद्रमा आपके लिए कब शुभ साबित होगा। इसके लिए केवल दो बातों की जानकारी होना आवश्यक है:
- आपकी चंद्र राशि (जन्म राशि): जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस राशि में विराजमान होता है, वही आपकी चंद्र राशि होती है। यदि आपको यह नहीं पता, तो अपनी जन्म तारीख को किसी ऑनलाइन पंचांग में डालकर इसे आसानी से जाना जा सकता है।
- आज के दिन चंद्रमा की स्थिति: चंद्रमा वर्तमान में किस राशि में गोचर कर रहा है।
चंद्रबल गणना की विधि और परिणाम
- शुभ चंद्रबल: यदि चंद्रमा आज आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 और 11वें भाव में है, तो आपका चंद्रबल शुभ है। इनमें से भी 7वें, 10वें और 11वें भाव में चंद्रबल को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस दौरान आप बेझिझक कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं।
- अशुभ चंद्रबल: यदि चंद्रमा आपकी राशि से 2, 4, 5, 8, 9 और 12वें भाव में है, तो चंद्रबल कमजोर या अशुभ होगा। विशेष रूप से चौथे, आठवें और बारहवें भाव में चंद्रबल सबसे अशुभ माना जाता है। इस दौरान भूलकर भी किसी नए या शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
उदाहरण: मान लीजिए आपकी चंद्र राशि ‘सिंह’ है और आज चंद्रमा ‘वृश्चिक’ राशि में विराजमान है। सिंह से वृश्चिक राशि चतुर्थ (4) भाव में आती है, अतः सिंह राशि वालों के लिए चंद्रबल कमजोर रहेगा। वहीं, ‘कन्या’ राशि से वृश्चिक तृतीय (3) भाव में आती है, इसलिए कन्या राशि वालों के लिए आज का चंद्रबल शुभ साबित होगा।
28 जून का चंद्र गोचर और नवपंचम योग
28 जून की रात चंद्रमा वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में गोचर करेंगे। चंद्रमा के इस राशि परिवर्तन के साथ ही, सिंह राशि में विराजमान केतु के साथ चंद्रमा का ‘नवपंचम योग’ बनेगा। ज्योतिष शास्त्र में भले ही चंद्रमा और केतु आपस में शत्रु माने जाते हैं, लेकिन नवपंचम योग बनाकर ये दोनों ग्रह सामाजिक स्तर पर सम्मान और आर्थिक पक्ष में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
आइए जानते हैं किन राशियों को मिलेगा इस योग का विशेष लाभ:
1. मेष राशि
चंद्रमा का गोचर आपके भाग्य भाव में होगा और केतु पंचम भाव में विराजमान होंगे।
- लाभ: इन दोनों ग्रहों की स्थिति आपके ज्ञान में वृद्धि करेगी। आप अपनी वाणी से लोगों को आकर्षित करेंगे, जिससे समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
- करियर व शिक्षा: विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ेगी और शिक्षा में अच्छे परिणाम मिलेंगे। करियर में सकारात्मक बदलाव आएंगे।
- आर्थिक पक्ष: आर्थिक स्थिति सुधरेगी और संचित धन में वृद्धि होने की पूरी संभावना है।
2. सिंह राशि
नवपंचम योग के दौरान चंद्रमा आपके पांचवें भाव में विराजमान होंगे।
- प्रेम व वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में सुखद अनुभव प्राप्त होंगे। पार्टनर के साथ विवाह के बंधन में बंधने का विचार भी बन सकता है।
- आर्थिक लाभ: निवेश किए गए धन से मुनाफा मिलने की प्रबल संभावना है।
- सामाजिक स्थिति: सामाजिक स्तर पर ख्याति मिलेगी। विशेषकर राजनीति से जुड़े लोग अपनी वाणी से जनमानस को आकर्षित करने में पूरी तरह कामयाब रहेंगे।
3. तुला राशि
नवपंचम योग तुला राशि के जातकों में गजब का आत्मविश्वास जगाने का काम करेगा।
- व्यक्तित्व: आप मुखरता और स्पष्टता के साथ अपनी बात लोगों के सामने रख पाएंगे, जिससे समाज में सम्मान प्राप्त होगा।
- आर्थिक लाभ: अचानक से धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो यह समय मुनाफा दिला सकता है।
- करियर: कार्यक्षेत्र और करियर में आ रही तमाम परेशानियों का स्थायी हल मिलने की संभावना है।





































