सनातन हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में पंचांग का अत्यंत विशेष महत्व है। किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले पंचांग के माध्यम से ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय का ज्ञान प्राप्त करना हमारी प्राचीन परंपरा का एक अहम हिस्सा रहा है। इसी कड़ी में, 20 जुलाई 2026 का दिन आध्यात्मिक और व्यावहारिक दोनों ही दृष्टियों से बहुत महत्वपूर्ण है। आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है और सप्ताह का आरंभ भगवान शिव को समर्पित सोमवार के पावन दिन से हो रहा है।
आज के दिन कई अत्यंत शुभ योग और नक्षत्रों का अद्भुत संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि सोमवार को पूरा दिन और रात पार करते हुए भोर में 4 बजकर 3 मिनट तक व्याप्त रहेगी। आइए, विस्तार से जानते हैं आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त, योग, राहुकाल और सूर्यास्त-सूर्योदय का सटीक समय।
प्रमुख तिथियां और शुभ योग
आज के दिन ग्रहों और नक्षत्रों का जो विशेष संयोजन बन रहा है, वह किसी भी नए कार्य की शुरुआत, विशेषकर मंत्र सिद्धि और साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
- सप्तमी तिथि: 20 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पूरा दिन और रात पार करके भोर 4 बजकर 3 मिनट तक रहेगी।
- शिव योग: आज शाम 6 बजकर 38 मिनट तक अत्यंत कल्याणकारी ‘शिव योग’ रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शिव योग में किए गए सभी कार्यों में निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है, विशेषकर मंत्र प्रयोग, अनुष्ठान और आध्यात्मिक साधना के लिए यह योग सर्वोत्तम माना जाता है।
- हस्त नक्षत्र: आज शाम 7 बजकर 10 मिनट तक ‘हस्त नक्षत्र’ का शुभ प्रभाव रहेगा।
हस्त नक्षत्र का महत्व और प्रभाव
आकाशमंडल में स्थित कुल 27 नक्षत्रों में से हस्त को तेरहवां नक्षत्र माना जाता है। इसे शुभ नक्षत्रों की उच्च श्रेणी में रखा गया है।
- प्रतीक और अर्थ: हस्त का शाब्दिक अर्थ होता है- ‘हाथ’। इसी के अनुरूप हस्त नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह हमारी हथेली को माना जाता है। हथेली की रेखाएं सीधे तौर पर हमारे भाग्य और कर्म को दर्शाती हैं, इसलिए इस नक्षत्र को हमारे भाग्य को उज्ज्वल करने वाला माना गया है।
- परिश्रम और कला: इस नक्षत्र को जीवन में कठिन परिश्रम करने की क्षमता और विशेष रूप से हाथ की कला (हस्तशिल्प, चित्रकारी आदि) से किए जाने वाले कार्यों के साथ जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान किए गए सभी कार्यों का विशेष शुभ फल प्राप्त होता है।
- स्वामी और इष्ट देव: हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव (चन्द्रमा) हैं। अतः इस अवधि में चंद्र देव की उपासना करना विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होता है। इसके साथ ही हस्त नक्षत्र में भगवान शिव शंकर की आराधना भी अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
- राशि: हस्त नक्षत्र के चारों चरण कन्या राशि के अंतर्गत आते हैं, इसलिए इसकी राशि कन्या मानी गई है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
दिनचर्या की शुरुआत और संध्या वंदन के लिए सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है:
- सूर्योदय: सुबह 05:34 बजे
- सूर्यास्त: शाम 07:18 बजे
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों में दैवीय कृपा बनी रहती है और कार्यों में निर्बाध रूप से सफलता प्राप्त होती है। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:44 से प्रातः 05:28 तक (यह समय ध्यान और ईश्वर वंदना के लिए सर्वश्रेष्ठ है)
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:19 से दोपहर 01:11 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:56 से दोपहर 03:49 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:17 से शाम 07:39 तक
- अमृत काल: दोपहर 12:55 से दोपहर 02:35 तक
आज के अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष समय को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। इन अवधियों में किसी भी नए व्यापार या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए:
- राहुकाल: प्रातः 07:49 से प्रातः 09:28 तक
- यमगण्ड: प्रातः 11:06 से दोपहर 12:45 तक
- आडल योग: प्रातः 06:11 से प्रातः 11:34 तक
- विडाल योग: प्रातः 11:34 से शाम 07:09 तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 01:11 से दोपहर 02:04 तक
- गुलिक काल: दोपहर 02:23 से शाम 04:02 तक
भारत के प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय
चूँकि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में भौगोलिक स्थिति के अनुसार भिन्नता होती है, इसलिए राहुकाल का समय भी हर शहर में अलग-अलग होता है। राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। विभिन्न राज्यों की राजधानियों के स्थानीय समयानुसार 20 जुलाई 2026 के लिए राहुकाल का विवरण नीचे दिया गया है:
- उत्तर प्रदेश (लखनऊ): 07:19 AM – 09:02 AM
- दिल्ली (नई दिल्ली): 07:19 AM – 09:02 AM
- बिहार (पटना): 07:07 AM – 08:50 AM
- मध्य प्रदेश (भोपाल): 07:23 AM – 09:07 AM
- महाराष्ट्र (मुंबई): 07:50 AM – 09:32 AM
- पश्चिम बंगाल (कोलकाता): 06:48 AM – 08:31 AM
- गुजरात (गांधीनगर): 07:47 AM – 09:30 AM
- राजस्थान (जयपुर): 07:29 AM – 09:13 AM
- कर्नाटक (बेंगलुरु): 07:54 AM – 09:34 AM
- तमिलनाडु (चेन्नई): 07:46 AM – 09:26 AM
- तेलंगाना (हैदराबाद): 07:49 AM – 09:32 AM
- केरल (तिरुवनंतपुरम): 07:59 AM – 09:38 AM
- आंध्र प्रदेश (अमरावती): 07:44 AM – 09:25 AM
- पंजाब व हरियाणा (चंडीगढ़): 07:18 AM – 09:02 AM
- उत्तराखंड (देहरादून): 07:16 AM – 09:00 AM
- हिमाचल प्रदेश (शिमला): 07:16 AM – 09:01 AM
- जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर) / लद्दाख: 07:16 AM – 09:03 AM
- झारखंड (रांची): 07:04 AM – 08:48 AM
- छत्तीसगढ़ (रायपुर): 07:14 AM – 08:57 AM
- ओडिशा (भुवनेश्वर): 07:22 AM – 09:04 AM
- असम (दिसपुर): 06:14 AM – 07:57 AM
- मेघालय (शिलांग): 06:14 AM – 07:56 AM
- त्रिपुरा (अगरतला): 06:23 AM – 08:05 AM
- मिजोरम (आइजोल): 06:12 AM – 07:55 AM
- मणिपुर (इंफाल): 06:09 AM – 07:52 AM
- नागालैंड (कोहिमा): 06:07 AM – 07:49 AM
- अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर): 06:03 AM – 07:45 AM
- सिक्किम (गंगटोक): 06:33 AM – 08:16 AM
- गोवा (पणजी): 07:56 AM – 09:38 AM


























































