फिल्म इंडस्ट्री में अब तक कई अभिनेत्रियां कास्टिंग काउच को लेकर अपना एक्सपीरियंस साझा कर चुकी हैं और अब एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ‘जोरू का गुलाम’ सहित कई चर्चित हिंदी फिल्मों का निर्देशन कर चुके मशहूर डायरेक्टर शकील नूरानी को मुंबई की मालवानी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 73 वर्षीय शकील नूरानी पर एक 33 वर्षीय अभिनेत्री ने दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए मलवणी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता की शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी निर्देशक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
घर बुलाकर यौन उत्पीड़न का आरोप ‘बड़े दिलवाला’ (1999) और ‘जोरू का गुलाम’ (2000) जैसी फिल्मों के निर्माण और निर्देशन के लिए मशहूर शकील नूरानी पर पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्देशक ने एक आगामी फिल्म प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के बहाने 33 वर्षीय अभिनेत्री को अपने मलवणी स्थित आवास पर बुलाया था। पीड़िता का आरोप है कि वहां शकील नूरानी ने उसका यौन उत्पीड़न किया और बाद में एक कथित वीडियो के जरिए उसे लगातार धमकाया भी था। इस मामले में पीड़िता को कथित तौर पर कोई नशीला पदार्थ देने का आरोप भी शामिल है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस कस्टडी में भेजे गए आरोपी मलवणी पुलिस ने इस मामले में शकील नूरानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(M), 123, 351(2) और 88 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद शकील नूरानी को मालवानी पुलिस ने बोरीवली हॉलीडे कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस कस्टडी के दौरान अधिकारी आरोपी से घटना के संबंध में आगे की पूछताछ करेंगे और मामले से जुड़े सबूत जुटाएंगे। पीड़िता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की सत्यता की जांच के लिए पुलिस हर पहलू की सूक्ष्मता से पड़ताल कर रही है।
शकील नूरानी का शुरुआती करियर शकील नूरानी हिंदी सिनेमा के जाने-माने लेखक, निर्देशक और निर्माता हैं और उन्होंने 1991 में रिलीज हुई ‘विष्णु देवा’ से फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने लेखन और निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई और कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उन्होंने 1999 में रिलीज हुई ‘बड़े दिलवाला’ से लेखन क्षेत्र में कदम रखा, जिसके वह निर्देशक और निर्माता भी खुद ही थे। इस फिल्म के जरिए उन्होंने सिनेमा जगत में अपनी अलग पहचान स्थापित की थी और कई सालों तक सक्रिय रहे। उनके इस लंबे करियर में अब यह बड़ा विवाद सामने आया है।
गोविंदा स्टारर फिल्म का निर्देशन शकील नूरानी ने गोविंदा और ट्विंकल खन्ना स्टारर चर्चित फिल्म ‘जोरू का गुलाम’ का भी निर्देशन किया था, जो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रही। साल 2000 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी और इसके गानों को भी काफी पसंद किया गया था। इस फिल्म की सफलता ने उन्हें बतौर निर्देशक इंडस्ट्री में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा शकील ने ‘तेजाबः द एसिड ऑफ लव’ का भी निर्देशन किया, जो साल 2005 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
मामले में जारी है कानूनी कार्रवाई 73 वर्षीय निर्देशक की गिरफ्तारी के बाद फिल्म जगत में इस खबर से काफी हलचल मच गई है और लोग इस मामले पर ध्यान दे रहे हैं। पुलिस कस्टडी में मिलने के बाद अब अधिकारी कथित वीडियो और नशीला पदार्थ दिए जाने के आरोपों की तकनीकी जांच कर रहे हैं। 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी की अवधि के दौरान कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस सभी जरूरी कानूनी धाराओं के तहत साक्ष्य एकत्रित करने में जुटी हुई है। कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।


























































