एड़ी, जोड़ों, टखनों या घुटनों में दर्द, सूजन और त्वचा का लाल होना यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य लक्षण हैं। खराब जीवनशैली और खान-पान के कारण शरीर में प्यूरीन का स्तर बढ़ता है, जो यूरिक एसिड का रूप ले लेता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों (डॉ. चंचल शर्मा) के अनुसार, चावल का पानी (मांड) यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में बेहद असरदार है।
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1. यूरिक एसिड में चावल के पानी के फायदे
- प्यूरीन क्रिस्टल को घोलना: इसके रेचक (Laxative) गुण शरीर में जमा प्यूरीन क्रिस्टल को घोलकर बाहर निकालते हैं, जिससे गठिया (Gaout) से बचाव होता है।
- मेटाबॉलिज्म में सुधार: यह मेटाबॉलिक रेट और प्रोटीन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे प्यूरीन शरीर में स्टोर नहीं हो पाता।
- डिटॉक्सिफिकेशन व ब्लड सर्कुलेशन: यह शरीर को अंदर से साफ करता है, रक्त संचार बेहतर बनाता है तथा त्वचा व पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देता है।
2. प्यूरीन क्या है और यूरिक एसिड कैसे बढ़ता है?
- प्यूरीन: यह एक प्राकृतिक केमिकल कंपाउंड है जो शरीर की कोशिकाओं (DNA/RNA) और कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
- यूरिक एसिड बनना: जब शरीर प्यूरीन को तोड़ता है, तो यूरिक एसिड बनता है जिसे किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। किडनी के ठीक से काम न करने या प्यूरीन की मात्रा ज्यादा होने पर यूरिक एसिड रक्त में जमने लगता है।
3. चावल का पानी बनाने और पीने की विधि
- चावल को पकाएं और पकने के बाद उसका पानी (मांड) अलग छान लें।
- इस पानी में थोड़ा काला नमक और नींबू का रस मिलाएं।
- यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इस मिश्रण का रोजाना सेवन करें।


























































