देह से लाला रूप विशाला ऊँची तेरी शान
कष्ट हरो मेरे रामदुलारे महाबीर हनुमान 2
जय हो सिंदूरी लाला महावीर..2 हनुमान।
अंतरा 1.
विनती सुनलो मेरे स्वामी आस लगाके आया हु
कोई नहीं है मेरा सहारा दर दर ठोंकर खाया हु 2
करू मै वंदन रामनिकन्दन करदो मेरा कल्यान 2
कष्ट हरो मेरे रामदुलारे महाबीर हनुमान 2
जय हो सिंदूरी लाला महावीर..2 हनुमान।
अंतरा.. 2
लाल सिंधुर चढ़ाऊ तुझको तुझको ही पुकारू मै
चौकठ पर तेरे माथा पटकू राह तेरी निहारु मै 2
तेरी महिमा अगम अगोचर तू है जग मेरे महान 2
कष्ट हरो मेरे रामदुलारे महाबीर हनुमान 2
जय हो सिंदूरी लाला महावीर..2 हनुमान।
अंतरा. 3
पाठ करू मै निशदिन तेरी महिमा को मै गाऊ
तेरी गाथा हे बजरंगी मै सबको सुनाऊ 2
माहीं……. सुनाये सबको तेरे ही गुणगान 2
कष्ट हरो मेरे रामदुलारे महाबीर हनुमान 2
जय हो सिंदूरी लाला महावीर..2 हनुमान ।






















































