मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा में प्रतापगढ़ जिले की ऐतिहासिक और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को पूरी श्रद्धा के साथ नमन किया। उन्होंने इस पावन धरती को सन 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शंखनाद की एक महान और वीर भूमि करार दिया। यह प्राचीन जिला पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय और बाबू लाल गौड़ जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की तपोभूमि और कर्मभूमि रहा है। साथ ही, यह विख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन जैसी महान विभूतियों की साहित्यिक साधना स्थली के रूप में भी जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि जो जिला कभी पिछड़ेपन का शिकार माना जाता था, वह आज तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
माफिया राज का अंत: मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की भयावह और अराजक स्थिति का विस्तार से कड़ा उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पहले इस पूरे प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसी बेहद खतरनाक और डरावनी स्थिति बनी हुई थी। पूर्व की असंवेदनशील सरकारों में आम किसान कर्ज के बोझ तले आत्महत्या करने को मजबूर थे और नौजवान रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन करते थे। उस अंधकारमय दौर में प्रदेश की बहन-बेटियां बिल्कुल सुरक्षित नहीं थीं और गरीब जनता की फरियाद सुनने वाला कोई नहीं था। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस कुप्रथा को हमेशा के लिए समाप्त कर ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा: स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ को मिली नई बुनियादी सौगातों का जिक्र किया। जिले में एक शानदार और सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य सरकार द्वारा पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाते हुए अब यहाँ एक आधुनिक नर्सिंग कॉलेज का भी पूरी भव्यता के साथ शिलान्यास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, विशाल गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के माध्यम से इस जिले की कनेक्टिविटी को अन्य शहरों से बहुत अधिक मजबूत किया गया है। इन सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं से स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में एक व्यापक और सकारात्मक बदलाव आना पूरी तरह से तय है।
सबका साथ सबका विकास: मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की लोक कल्याणकारी नीतियों और उनके अत्यंत पारदर्शी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र पर काम किया है। इसी निष्पक्ष नीति के तहत राज्य के लाखों गरीब और बेघर परिवारों को पक्के आवास की सुविधा सफलतापूर्वक उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही सरकार द्वारा जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज और गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर जैसी अति-आवश्यक बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं। सरकार की इन सभी पारदर्शी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बिचौलिए के पहुंच रहा है।
युवाओं के लिए रोजगार: रोजगार के मोर्चे पर अपनी सरकार की बेहतरीन उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को एक बेहद सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने उत्साहपूर्वक बताया कि हाल ही में प्रदेश में संपन्न हुई पुलिस की साठ हजार भर्तियों में प्रतापगढ़ के युवाओं को भी भरपूर अवसर मिला है। आज उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की विभिन्न महत्वपूर्ण और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं में जिले के होनहार युवा लगातार सफल होकर अपना परचम लहरा रहे हैं। इसके अलावा, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष परीक्षाओं के माध्यम से भी स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। सरकार पूरी सख्ती के साथ यह सुनिश्चित कर रही है कि हर भर्ती प्रक्रिया में केवल और केवल योग्यता को ही चयन का पैमाना माना जाए।
पिछली सरकारों का भ्रष्टाचार: पिछली सरकारों के शासनकाल में रोजगार देने के नाम पर होने वाले भारी भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री ने सबसे तीखा प्रहार किया। उन्होंने सीधा और सनसनीखेज आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के समय में योग्यताओं को दरकिनार कर सरकारी नौकरियों की खुलेआम नीलामी की जाती थी। पूरी भर्ती प्रक्रिया पर केवल सैफई घराने का ही अवैध और अनुचित कब्जा पूरी तरह से जमा रहता था। इस घोर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश के प्रतिभाशाली और गरीब युवाओं को आगे बढ़ने का कोई समान अवसर नहीं मिल पाता था। आज प्रदेश की तेज प्रगति और पूर्णतः पारदर्शी तरीके से युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर इस हताश विपक्ष को बिल्कुल भी रास नहीं आ रहे हैं।


























































