अमेरिका में दाखिल की गई चार्जशीट में जग्गू भगवानपुरिया गैंग द्वारा भारत में रची गई खौफनाक हत्या की साजिश का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पंद्रह जनवरी छब्बीस को पंजाब के मियानी इलाके में हुई एक निर्मम हत्या के तार सीधे इसी गिरोह से जुड़े थे। हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों में अपना खौफ कायम करने की योजना बनाई थी। इसके लिए इंस्टाग्राम पर एक विशेष पोस्ट डालकर इस खौफनाक हत्या की आधिकारिक जिम्मेदारी लेने की पूरी साजिश पहले से ही तैयार कर ली गई थी। गैंग का मकसद सिर्फ हत्या करना नहीं था बल्कि इसके जरिए समाज और अपने दुश्मनों के बीच अपना गहरा आतंक स्थापित करना था।
पीड़ित परिवार को दिया गया खौफ हत्या को अंजाम देने के अगले ही दिन अपराधियों ने पीड़ित परिवार को डराने के लिए एक बहुत ही खौफनाक कदम उठाया। उन्होंने उस इंस्टाग्राम पोस्ट का एक स्क्रीनशॉट लिया जिसमें हत्या की जिम्मेदारी खुलेआम ली गई थी और उसे सीधे मृतक के शोकाकुल परिवार को भेज दिया। इस अमानवीय कृत्य का मुख्य उद्देश्य पहले से ही दुखी परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और उन्हें आगे के लिए बुरी तरह डराना था। स्क्रीनशॉट भेजकर यह सीधा संदेश देने की कोशिश की गई कि अगर किसी ने उनके खिलाफ आवाज उठाई तो उसका अंजाम भी बहुत बुरा होगा। जांच एजेंसियों ने इस घटना को चार्जशीट में शामिल करके गिरोह की क्रूर मानसिकता और काम करने के तरीके को अदालत के सामने रखा है।
भ्रष्ट पुलिस अधिकारी का काला सच इस सनसनीखेज अमेरिकी चार्जशीट में पंजाब पुलिस के एक कथित भ्रष्ट अधिकारी की भूमिका का भी बहुत ही विस्तार से जिक्र किया गया है। आरोप है कि इस भ्रष्ट अधिकारी ने गैंग के साथ मिलकर मृतक के पीड़ित परिवार को ही एक झूठे हत्या के मामले में फंसाने की साजिश रची थी। अधिकारी ने परिवार से पैसे ऐंठने के लिए उन पर भारी दबाव डाला और पैसे न देने पर तीन सदस्यों को झूठा आरोपी बनाने की गंभीर धमकी दी। पीड़ित परिवार को डराने के बाद कथित तौर पर पैसे लेकर दो सदस्यों का नाम एफआईआर से हटाने की बेशर्म पेशकश भी इसी अधिकारी द्वारा की गई। कानून के एक रक्षक का अपराधियों के साथ इस तरह मिला होना इस पूरे मामले का सबसे ज्यादा चौंकाने वाला और शर्मनाक पहलू बन गया है।
प्रत्यर्पण की होगी सख्त मांग इस भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की काली करतूतों का भंडाफोड़ होने के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियों ने अपना सख्त रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। चार्जशीट के अनुसार अमेरिकी एजेंसी इस मामले को सिर्फ आरोपों तक सीमित नहीं रखेगी बल्कि इस अधिकारी को सजा दिलाने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएगी। जानकारी के मुताबिक अब अमेरिका बहुत जल्द भारत सरकार से पंजाब पुलिस के इस दागदार अधिकारी के आधिकारिक प्रत्यर्पण की पुरजोर मांग करने वाला है। प्रत्यर्पण के बाद इस अधिकारी को अंतरराष्ट्रीय अदालत में खड़े होकर अपने किए गए इन सभी गंभीर अपराधों का पूरा हिसाब देना होगा। इस फैसले से यह साफ संदेश दिया गया है कि अपराधियों की मदद करने वाले खाकी वर्दी वाले भी अब अंतरराष्ट्रीय कानून की लंबी पहुंच से नहीं बच सकेंगे।
हिरासत से मांगी गई करोड़ों की रंगदारी इस गिरोह की बेखौफी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने अमेरिकी हिरासत में रहकर भी अपना रंगदारी का धंधा जारी रखा। चार्जशीट में आरोप है कि गैंग के एक शातिर सदस्य ने अमेरिकी इमिग्रेशन की सख्त हिरासत में होने के बावजूद रंगदारी मांगने की घटना को अंजाम दिया। इस अपराधी ने हिरासत से ही अमेरिका के ओहायो राज्य में रहने वाले एक बड़े कारोबारी से सीधे तौर पर पंद्रह लाख रुपये की रंगदारी मांग ली। कारोबारी द्वारा आनाकानी करने पर कुछ ही समय बाद यह रंगदारी की मांग बढ़ाकर सीधे पचास लाख रुपये तक पहुंचा दी गई। यह घटना साबित करती है कि जेल या हिरासत की चारदीवारी भी इस खूंखार गैंग के संचार नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही थी।
कारोबारी के परिवार को जान से मारने की धमकी ओहायो के कारोबारी से सिर्फ पैसे ही नहीं मांगे गए बल्कि उसे और उसके पूरे परिवार को मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित भी किया गया। रंगदारी की रकम न चुकाने की स्थिति में इस बेखौफ अपराधी ने कारोबारी और उसके छोटे बच्चों को बेरहमी से जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। अपने खौफ को और ज्यादा पुख्ता करने के लिए गैंग के गुर्गों ने कारोबारी के घर की गुप्त तस्वीरें खींची और उसे सीधे कारोबारी के फोन पर भेज दिया। घर की तस्वीर भेजकर उसे यह अहसास कराया गया कि उसके परिवार की हर गतिविधि पर गैंग की नजर है और वे कभी भी उन पर बड़ा हमला कर सकते हैं। अमेरिकी ग्रैंड ज्यूरी की इस चार्जशीट से गैंग की इन सभी क्रूर हरकतों का पर्दाफाश हो गया है जिससे उन पर कानूनी फंदा अब पूरी तरह कस चुका है।


























































