श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया अपनी पहली जीत के लिए बुरी तरह तरस रही है। हर मुकाबले के बाद मैदान पर टीम का प्रदर्शन लगातार बद से बदतर होता चला जा रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही मौजूदा सीरीज के तीसरे मैच में भी भारतीय टीम बुरी तरह हार गई। इस ताजा जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज में 2.0 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। इस करारी हार के साथ ही श्रेयस के माथे पर एक ऐसा कलंक लग गया है, जो टी20 इतिहास में पहले कभी नहीं लगा था।
शुरुआती मुकाबलों का हाल: कप्तान के नेतृत्व में टीम इंडिया इस वक्त ऐसे भंवर में फंसी है जहां से जीत का रास्ता बिल्कुल नहीं दिख रहा है। तीसरे मैच से पहले हुए शुरुआती दो मुकाबलों में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए करीब 190 रनों का स्कोर खड़ा किया था। उस सीरीज का पहला मैच बारिश के कारण पूरी तरह से धुल गया था और उसका कोई परिणाम नहीं निकला। इसके बाद खेले गए दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने आसानी से लक्ष्य हासिल करके जीत दर्ज कर ली थी। इन दोनों ही मैचों में टीम की रणनीति पूरी तरह से नाकाम और बेअसर साबित हुई थी।
तीसरे मैच में निराशाजनक प्रदर्शन: सीरीज के तीसरे अहम मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 रनों से भी ज्यादा का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इसके जवाब में जब भारतीय टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो उसका प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा। रनों का पीछा करते हुए पूरी की पूरी टीम केवल 76 रनों के मामूली स्कोर पर ही सिमट गई। इस मुकाबले में टीम के सभी खिलाड़ी मात्र 11.4 ओवर खेलकर ही ऑलआउट होकर पवेलियन लौट गए। बल्लेबाजों के इस लचर प्रदर्शन ने एक बार फिर से टीम की हार की पटकथा लिख दी।
इतिहास का सबसे खराब दौर: टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार टीम इंडिया को लगातार पांच मैचों में एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। साल 2009 में जब यह प्रारूप नया था, तब भी टीम लगातार चार मैच हारी थी, लेकिन पांचवें में उसे जीत मिल गई थी। इसी तरह साल 2021 में भी टीम ने लगातार चार मुकाबले गंवाए थे, लेकिन उसके बाद वापसी करते हुए जीत हासिल की थी। मौजूदा स्थिति में टीम इंडिया पिछले पांच टी20 मैचों से एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। हालांकि इस खराब रिकॉर्ड वाले पांच मुकाबलों में से सभी मैच हारे नहीं गए हैं।
आयरलैंड दौरे से शुरू हुई निराशा: टीम की इस लगातार हार के दुखद सिलसिले की शुरुआत आयरलैंड दौरे से हुई थी। जब टीम इंडिया श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में वहां पहुंची थी, तो सभी को आसानी से सीरीज जीतने की उम्मीद थी। लेकिन उस दौरे के पहले ही मुकाबले में टीम को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा जिसे शुरुआत में एक तुक्का माना गया। लोगों को लगा कि खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम को हल्के में लिया है, जिसके कारण यह अप्रत्याशित नतीजा सामने आया। इसके बाद दूसरे मैच में पूरी सावधानी बरतने के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा और सीरीज गंवानी पड़ी।
रणनीति और कप्तानी पर सवाल: उस निराशाजनक दौरे के बाद जब मौजूदा इंग्लैंड सीरीज की शुरुआत हुई, तो पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। इसके बाद दूसरे और तीसरे मुकाबले में भी लगातार हार का सामना करना पड़ा, जिससे निराशा और बढ़ गई। लगातार मिल रही इन पराजयों के कारण अब हार का यह सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इन खराब नतीजों के बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी और नेतृत्व क्षमता पर गंभीर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही टीम इंडिया के थिंक टैंक की रणनीति भी आलोचकों के सीधे निशाने पर आ गई है।


























































