हमिंग (Humming) साउंड से शरीर के अंदर एक बड़ी और सकारात्मक हलचल पैदा होती है। मात्र कुछ सेकंड की हमिंग सेहत के लिहाज से बेहद कारगर है। कुदरत के करीब बैठकर गहरी सांस लेना और हम्मिंग जैसी ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना, शरीर में ऑक्सीजन फ्लो को बेहतर करने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है।
आज के समय में इन योगाभ्यासों और प्राकृतिक उपायों की आवश्यकता इसलिए भी अधिक है क्योंकि भारत में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी डराने वाली रफ्तार से बढ़ रही है।
हमिंग (Humming) के स्वास्थ्य लाभ
हमिंग करने से शरीर को कई प्राकृतिक फायदे मिलते हैं:
- नाक के रास्ते नाइट्रिक ऑक्साइड (Nitric Oxide) का लेवल तेजी से बढ़ता है।
- यह एक नेचुरल मॉलिक्यूल है, जो रेस्पिरेटरी ट्रैक (श्वसन तंत्र) को सपोर्ट करता है।
- शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को काफी बेहतर बनाता है।
- शरीर की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को मजबूत करने में अहम मदद करता है।
भारत में कैंसर की डरावनी स्थिति: हर 9 में से 1 को रिस्क
भारत में कैंसर एक गंभीर चुनौती बन चुका है। आंकड़ों के अनुसार, हर 9 भारतीयों में से 1 को जीवन में कैंसर का रिस्क है। दरअसल, यहां सबसे बड़ी दिक्कत सिर्फ यह बीमारी नहीं है, बल्कि इसकी देर से होने वाली पहचान है।
देश में लगभग 70% लोगों में कैंसर लास्ट स्टेज (स्टेज-3 और स्टेज-4) में जाकर डिटेक्ट होता है। इसके मुख्य कारण हैं:
- लोगों में जागरूकता की भारी कमी।
- नियमित स्क्रीनिंग का न होना।
- इलाज का काफी महंगा होना।
तेजी से बढ़ते कैंसर के प्रकार: वर्तमान में मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, फेफड़ों का कैंसर और पेट से जुड़े कैंसर के मामले तेजी से चिंता बढ़ा रहे हैं।
कैंसर का रिस्क बढ़ाने वाले प्रमुख कारण:
- तंबाकू और एल्कोहल का सेवन
- बढ़ता पॉल्यूशन (प्रदूषण)
- मोटापा और गलत खानपान
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी
- विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन
सस्ती स्क्रीनिंग और किफायती इलाज की पहल
कैंसर की गंभीरता को देखते हुए राज्यसभा की हेल्थ कमेटी ने सस्ती स्क्रीनिंग, जल्दी जांच, बेहतर इलाज और किफायती कैंसर केयर को लेकर सुझाव मांगे हैं। कैंसर से असली लड़ाई अस्पताल में नहीं, बल्कि सही अवेयरनेस, रेगुलर स्क्रीनिंग और रोज की अच्छी आदतों से शुरू होती है।
कैंसर से बचने और शरीर में कैंसर को रोकने वाला बैरियर मजबूत बनाने के लिए स्वामी रामदेव द्वारा बताए गए खास उपाय और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बेहद आवश्यक है।
समय पर पहचान से संभव है इलाज: सर्वाइवल रेट में सुधार
कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर सही वक्त पर इसकी पहचान हो जाए तो इलाज पूरी तरह संभव है और ठीक होने की संभावना भी बढ़ जाती है। शुरुआती स्टेज में बीमारी के ठीक होने के चांस सबसे ज्यादा रहते हैं।
ऑक्सफॉर्ड की रिपोर्ट और राहत की खबर:
- ऑक्सफॉर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 40% महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की गिरफ्त में हैं।
- हालांकि, एक राहत की बात यह है कि पिछले 10 सालों में कैंसर से होने वाले डेथ रेट (मृत्यु दर) में कमी आई है।
- इस कमी का सबसे बड़ा कारण समय पर स्क्रीनिंग और लोगों में बढ़ती जागरुकता को माना जा रहा है।
- इसी जागरूकता का परिणाम है कि आज कैंसर का सर्वाइवल रेट 70% तक पहुंच चुका है।



























































