देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीन महत्वपूर्ण देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्राएं संपन्न की हैं। इन सभी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर जाने से पहले प्रधानमंत्री ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश सेशेल्स का भी एक दौरा किया था। इसी समयावधि के दौरान जापान की राष्ट्राध्यक्ष भी विशेष रूप से भारत के आधिकारिक राजनयिक दौरे पर नई दिल्ली आई हुई थीं। इन सभी वैश्विक यात्राओं और मुलाकातों का भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर एक बहुत ही बड़ा और सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इन सभी दौरों से भारत को हासिल हुए परिणामों को संबित पात्रा ने सरल भाषा में ‘दस कदम, दस का दम’ कहा है।
ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम का समझौता: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए रणनीतिक समझौतों में एक बहुत ही बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। दोनों देशों ने मिलकर यह पूरी तरह से तय किया है कि हम सभी महत्वपूर्ण सामरिक मामलों में एक साथ काम करेंगे। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत अब ऑस्ट्रेलिया भारत को अपनी परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण यूरेनियम देने के लिए राजी हो गया है। हालांकि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने भारत को किसी भी कीमत पर यूरेनियम देने से साफ तौर पर मना कर दिया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर और व्यक्तिगत प्रयासों के कारण ही यह बेहद मुश्किल समझौता आखिरकार मुमकिन हो पाया है।
न्यूजीलैंड के साथ रणनीतिक संधियां: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अपने अत्यंत महत्वपूर्ण और सफल अंतरराष्ट्रीय दौरे के तहत न्यूजीलैंड की यात्रा से वापस लौटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस विशेष न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हुई। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए समझौते हुए। इसके साथ ही दोनों देशों ने मिलकर अपने यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। वैश्विक मोर्चे पर सबसे बड़ी चुनौती बने आतंकवाद पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर भी दोनों के बीच अहम समझौते हुए हैं।
दस कदम और दस का दम: भाजपा के वरिष्ठ सांसद संबित पात्रा ने प्रधानमंत्री के इन दौरों से देश को मिले दस अहम परिणामों की व्याख्या की है। इन परिणामों में हिंद महासागर-इंडो-पैसिफिक रणनीतिक गठबंधन और रक्षा तथा समुद्री सहयोग को बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसके साथ ही देशों के बीच क्रिटिकल मिनिरल्स को लेकर सहयोग बढ़ाने और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमति बनी है। इन यात्राओं के माध्यम से आर्थिक और निवेश से जुड़े शानदार नतीजे हासिल हुए हैं और संस्कृति की साझेदारी मजबूत हुई है। विभिन्न देशों के बीच डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, खेल और लोगों के बीच आपसी संबंधों को भी एक नया विस्तार मिला है।
सेशेल्स और इंडोनेशिया में मजबूती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 से 3 जुलाई तक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश सेशेल्स का एक सफल दौरा किया था। इस यात्रा के समय कई लोगों द्वारा यह सवाल उठाया गया था कि आखिर इस छोटे से देश के दौरे से भारत को क्या मिलेगा। संबित पात्रा ने इसका जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सेशेल्स से लेकर इंडोनेशिया तक भारत की स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने इन देशों की यात्राओं के माध्यम से भारत की सामरिक, वैचारिक और आर्थिक, हर तरह की पकड़ को बहुत मजबूत बनाया है। इस मजबूत अंतरराष्ट्रीय पकड़ के कारण वैश्विक मंच पर भारत का प्रभाव पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है।
राजनीतिक स्थिरता का वैश्विक संदेश: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आगे कहा कि भारत ने अपनी यात्राओं से पूरी दुनिया को दिखाया कि स्थिरता क्या होती है। साल 2014 से लेकर अब तक पूरी दुनिया के कई देशों में राजनीतिक रूप से न जाने कितना कुछ पूरी तरह बदल चुका है। लेकिन इसके विपरीत भारत में साल 2014 से लेकर आज तक वही प्रधानमंत्री और वही मजबूत सरकार निरंतर अपना काम कर रही है। यह सरकार उसी दृढ़ता के साथ देश के विकास के लिए कार्य कर रही है जैसे वह पहले दिन से लगातार करती आ रही है। यह निरंतरता और स्थिरता पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल है जो दिखाती है कि एक स्थिर सरकार का दम क्या होता है।


























































