अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद ईरान ने भी चुप न रहते हुए बहुत ही जोरदार और घातक पलटवार किया है। ईरान की सेना ने मध्य-पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना सीधा निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरानी सेना ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर में बने अमेरिका के मजबूत सैन्य ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमले किए हैं। इसके साथ ही बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी ईरान की तरफ से भारी गोलाबारी की गई है। इस भीषण पलटवार के कारण पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है।
कतर में सुरक्षा अलर्ट: ईरान द्वारा किए गए इन अचानक हमलों के बाद खाड़ी देशों में भारी अफरातफरी और डर का माहौल बन गया है। इन भीषण हमलों के तुरंत बाद कतर के आंतरिक मंत्रालय ने देश भर में एक हाई सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में सभी नागरिकों और विदेशी प्रवासियों से अपने घरों के अंदर ही रहने की सख्त अपील की है। इसके साथ ही लोगों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों या बंकरों के अंदर शरण लेने को कहा गया है। कतर सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
खाड़ी देशों में धमाके: संयुक्त अरब अमीरात और कतर के अलावा मध्य-पूर्व के कई अन्य पड़ोसी देशों में भी इस युद्ध का असर साफ दिख रहा है। कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के कई इलाकों में भी अचानक बहुत बड़े और शक्तिशाली धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इन धमाकों के कारण इन देशों की सीमाओं पर सुरक्षा का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। स्थिति की इसी गंभीरता को देखते हुए खाड़ी क्षेत्र के सभी देश अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुट गए हैं। ये सभी देश अब संभावित हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रख रहे हैं।
समझौता हुआ कमजोर: मिडिल ईस्ट के इन तमाम देशों में लगातार हो रही भीषण गोलीबारी और मिसाइल हमलों के बीच शांति की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। दोनों पक्षों के बीच चल रहा युद्ध खत्म करने का अंतरिम समझौता अब पूरी तरह से कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। कोई भी देश अब पीछे हटने या युद्ध विराम करने को तैयार नहीं दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदायों द्वारा शांति बहाली के लिए किए जा रहे सभी कूटनीतिक प्रयास इस समय पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। इस कारण क्षेत्र में आने वाले दिनों में संघर्ष और बढ़ने की आशंका है।
सुप्रीम लीडर की कसम: इस बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का भी एक बड़ा और बेहद आक्रामक बयान सामने आया है। मोजतबा खामेनेई ने सरेआम यह कसम खाई है कि वे अपने पिता की मौत का बदला लेना हर हाल में जारी रखेंगे। उनके पिता और ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई पिछले दिनों अमेरिकी हमलों में मारे गए थे। वह बीते 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए भीषण हमलों के दौरान अपनी जान गंवा बैठे थे। पिता की मौत का बदला लेने का यह संकल्प खाड़ी में तनाव को और बढ़ा रहा है।
तनाव का नया दौर: मोजतबा खामेनेई का यह ताजा और बेहद तल्ख बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मिसाइल हमलों वाली धमकी के ठीक बाद आया है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की इस बयानबाजी ने जलते हुए मध्य-पूर्व में घी डालने का काम किया है। एक तरफ जहां अमेरिका ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद करने पर आमादा है, वहीं दूसरी तरफ ईरान अपने सर्वोच्च नेता की मौत का बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस जंग के कारण आने वाले समय में वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।


























































