राम मंदिर के दान पात्र से पैसे चुराने वाले आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए पूरी हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अविनाश और मनीष नाम के आरोपी कैमरे में सबसे ज्यादा बार चोरी करते हुए पकड़े गए हैं। ये दोनों नोटों को सीधा करने का बहाना बनाकर बड़ी ही चालाकी से पैसों को अपने कपड़ों में छिपा लेते थे। पुलिस ने इनके खिलाफ एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर अपनी जांच और पूछताछ की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है। इनके विस्तृत कबूलनामे से यह साफ हो गया है कि यह चोरी एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश का बड़ा हिस्सा थी।
अन्य लोगों की मौजूदगी पर शक: मुख्य आरोपियों के अलावा सीसीटीवी फुटेज में कुछ अन्य लोगों की संदिग्ध मौजूदगी भी पुलिस के रडार पर है। वीडियो फुटेज में कई बार सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव भी चोरी के वक्त वहां मौजूद दिखाई दिए हैं। उनकी इस लगातार संदिग्ध मौजूदगी के कारण पुलिस को शक है कि वे भी इस शातिर गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्हें उस दौरान हो रही चोरी की कोई भी जानकारी थी। मामले की पूरी तह तक जाने के लिए पुलिस इन दोनों को भी रिमांड पर लेकर बहुत ही सख्ती से पूछताछ करेगी।
पूछताछ में खुलेंगे नए राज: सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव से होने वाली पुलिस की पूछताछ में कई नए राज खुलने की प्रबल उम्मीद है। पुलिस यह जानना चाहती है कि इस संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क में इन दोनों आरोपियों का किस तरह का अहम रोल था। अगर वे चोरी में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे, तो उन्होंने चोरी होते हुए देखकर भी किसी को इसकी शिकायत क्यों नहीं की। पुलिस की विशेष एसआईटी टीम इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ अपना काम कर रही है। आरोपियों की रिमांड अवधि के दौरान इस पूरे रैकेट से जुड़े कई अन्य चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना है।
चंदा चोरी को बताया कलंक: अयोध्या के राम मंदिर में हुई इस चंदा चोरी की घटना ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरी घटना पर अपनी बेहद कड़ी और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दान में मिले पैसों की इस शर्मनाक चोरी को अपने आप में बहुत बड़े शर्म और कलंक की बात बताया है। उनका मानना है कि पवित्र मंदिर परिसर में इस तरह का जघन्य अपराध होना करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है। उनके इस कड़े बयान से साफ है कि दोषियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा बहुत ही सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शर्मिंदगी का किया इजहार: चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने इस दुखद घटना पर सिर्फ अफसोस ही नहीं बल्कि गहरी शर्मिंदगी का भी खुला इजहार किया है। उन्होंने कहा कि पवित्र राम मंदिर में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना का होना हमारे लिए सिर्फ और सिर्फ अफसोस की बात नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी वारदात से पूरे मंदिर प्रशासन को बहुत ही भारी शर्मिंदगी भी महसूस हो रही है। भक्तों द्वारा पूरी श्रद्धा से दिए गए चढ़ावे की रक्षा न कर पाना प्रबंधन के लिए एक बहुत ही बड़ी और गंभीर विफलता है। उन्होंने भक्तों को आश्वासन दिया है कि मंदिर पर लगे इस कलंक को मिटाने के लिए हर संभव और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
सिस्टम में होगा बड़ा सुधार: नृपेंद्र मिश्रा ने इस चोरी की घटना को सीधे तौर पर मंदिर के सुरक्षा सिस्टम की एक बहुत बड़ी नाकामी बताया है। उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि यह पूरी तरह से सिस्टम से जुड़ा मामला है, जिसमें भारी चूक और लापरवाही हुई है। हालांकि, उन्होंने सभी भक्तों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे सिस्टम में जल्द ही बड़ा सुधार होगा। उन्होंने कड़ा वादा किया है कि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाएं दोबारा नहीं होंगी और सुरक्षा व्यवस्था को और भी ज्यादा कड़ा किया जाएगा। इसके लिए मंदिर के अंदर और बाहर निगरानी की नई और आधुनिक तकनीक का जल्द ही बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू किया जाएगा।

























































